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राजधानी में पांच ईवी चार्जिंग प्वाइंट के जिम्मे 151 इलेक्ट्रिक बसें

राजधानी में सबसे कम सिर्फ पांच ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं। मप्र शासन 151 इलेक्ट्रिक बसें सड़क पर चला रहा है लेकिन चार्जिंग स्टेशन की कमी के कारण वाहनों को लाइन में लगना पड़ता है।इधर, मार्च 2023 तक राजधानी में 63 ईवी चार्जिंग प्वाइंट खोलने की योजना भी है।

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राजधानी में पांच ईवी चार्जिंग प्वाइंट के जिम्मे 151 इलेक्ट्रिक बसें

राजधानी में पांच ईवी चार्जिंग प्वाइंट के जिम्मे 151 इलेक्ट्रिक बसें

भोपाल. पिछले 8 महीने में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है। आरटीओ में पहले जहां प्रतिदिन तीन वाहन ई व्हीकल श्रेणी में रजिस्टर्ड होते थे जो अब 16 तक पहुंच गए हैं। पिछले 2 साल के दौरान लॉकडाउन और बीमारी के आतंक के बीच ठंडा इलेक्ट्रिक व्हीकल का बाजार अब गर्म हो गया है। ईंधन के बेहतर विकल्प के रूप में अकेले भोपाल शहर में ऐसे वाहनों की संख्या 4 गुना तक बढ़ गई है। सरकार ई व्हीकल के रजिस्ट्रेशन पर टैक्स में 9 फ़ीसदी तक की रियायत दे रही है। ई व्हीकल खरीदने वाले वाहन चालकों को केवल 1 फ़ीसदी शुल्क देकर वाहन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जा रही है। बीसीएलएल अब सीएनजी एवं ई-बसों का संचालन कर रहा है। अभी ऐसे 151 वाहन रोड पर चल रहे हैं। इतना सब होने के बावजूद शहर में गिनती के ई चार्जिंग स्टेशन बन पाए हैं। बीते तीन साल में ये काम बहुत धीमा रहा जिसके चलते अब वाहनों की बिक्री और चार्जिंग स्टेशन की संख्या में जमीन आसमान का अंतर आ चुका है।

घर पर चार्जिंग से हादसे का खतरा
ई व्हीकल के जानकारों की राय में इस वाहन को घर के विद्युत कनेक्शन से चार्ज करना बेहद खतरनाक है। बैटरी का तापमान बढ़ने से इसमें आग भी लगने की संभावना है। गांधी नगर में रहने वाले पुलिस कर्मी के वाहन में इसी दौरान आग लग गई थी। शासन द्वारा बनाए जाने वाले चार्जिंग पाइंट पर सुरक्षित रूप से अर्थिंग की व्यवस्था बनाई जाती जिससे आग लगने की आशंका नहीं के बराबर रहती है। यहां आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण भी लगाए गए हैं।

भोपाल से आगे निकला इंदौर

प्रदेश भर में 32533 वाहन पंजीकृत है। इसमें भोपाल में 6200, इंदौर में 8088, ग्वालियर में 4956 और जबलपुर में 2891 वाहन पंजीकृत है। इसके अलावा मुरैना में 1977 और उज्जैन में 1504 वाहन पंजीकृत है। प्रदेश की सबसे महंगी इलेक्ट्रिक कार इंदौर आरटीओ में पंजीकृत है, जिसकी कीमत करीब पौने तीन कराेड़ रुपए है। इसके अलावा सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बस भी इंदौर में पंजीकृत हैं।

भोपाल में बनाए जाने वाले 37 चार्जिंग स्टेशनों में से 27 फास्ट और 10 स्लो चार्जिंग स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों में टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर वाहन चार्ज हो सकेंगे। अभी रेलवे स्टेशन, मल्टी लेवल पार्किंग, गोविंदपुरा स्मार्ट सिटी कैंपस, भोपाल एयरपोर्ट पर ये सुविधा है।