
अगले माह से सस्ती मिलने लगेगी रेत
भोपाल. प्रदेश में अब जल्द ही रेत का संकट दूर हो जाएगा। सरकारी निर्माण तथा लोगों को मकान सहित अन्य निर्माण कार्यों के लिए सस्ती दरों पर रेत मिलना शुरू हो जाएगी। करीब 300 खदानें एक अक्टूबर से शुरू हो जाएंगी। बारिश के चलते इन खदानों से रेत उत्खनन 15 जून के बाद से बंद कर दिया गया था। इसी के साथ लोगों का अपना मकान बनाने का सपना कुछ और आसान हो जाएगा.
जिलों में रेत खदानों की निविदा और पर्यावरण की अनुमति की प्रक्रिया चल रही थीए जो अब पूरी हो चुकी - प्रदेश में करीब 47 जिलों में रेत खदानें हैं। इनमें से बीस जिलों की जिला रेत खदान समूह बारिश के पहले चालू थे शेष जिलों में रेत खदानों की निविदा और पर्यावरण की अनुमति की प्रक्रिया चल रही थीए जो अब पूरी हो चुकी है। इसके चलते ज्यादातर जिलों में खदानें एक तारीख से शुरू हो जाएंगी। प्रदेश में करीब दो करोड़ घनमीटर रेत की जरूरत प्रति माह होती है। हालांकि वैध रेत ठेकेदारों को रेत के भंडारण के लिए कलेक्टरों ने अनुमति दी थी। इससे काम चलाऊ निर्माण कार्यों के लिए रेत मिलती थी। अब पर्याप्त मात्रा में रेत मिलना शुरू हो जाएगी।
सरकार लाएगी नई रेत नीति
सरकार नई रेत नीति लाने की तैयारी कर रही है। यह 2023 से लागू होगी। इससे पहले 2019 में रेत नीति लागू की गई थी। यह चार साल के लिए थी जो 2022 में समाप्त हो जाएगी। वहीं जून से रेत की रॉयल्टी भी बढ़ेगी। रॉयल्टी बढऩे के साथ.साथ रेत की कीमतें भी बढ़ेंगी।
14 जिलों की खदानें 9 माह लिए नीलाम
14 जिलों की खदानें 9 माह के लिए नीलाम हुई हैं। नरसिंहपुर, ग्वालियर, बैतूल में खदानें नीलामी हो चुकी हैं। मंदसौर, रतलाम शाजापुर आलीराजपुर आगर मालवा अशोकनगर गुना में खदानों की नीलामी आखिरी चरण में है। डिंडोरी बुरहानपुर सिवनी की खदानों की प्रक्रिया टेंडर स्तर पर है।
Published on:
26 Sept 2022 08:03 am
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