
ओटीटी ने संस्कृति को नुकसान पहुंचाया है, यदि हम सिनेमा में अपनी संस्कृति को बचाना चाहते हैं तो हमें ओटीटी पर खराब सीरीजों को देखना बंद करना होगा।
यह कहना था पटकथा लेखक और फिल्म निर्देशक रूमी जाफरी का। मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से गौहर महल में आयोजित तीन दिवसीय ‘जश्न-ए-उर्दू’समारोह में तीसरे और अंतिम दिन बातचीत में यह बात कही। समारोह में अंतिम दिन प्रदेशिक और अखिल भारतीय मुशायरा का आयोजन भी किया गया।
फिल्म और थिएटर अभिनेता राजीव वर्मा ने कहा कि बंगाली थिएटर कलाकार गिरीश घोष सिनेमा में औपनिवेशिक मानसिकता से खुद को मुक्त करने के लिए कदम उठाने वाले पहले व्यक्ति थे। वर्मा ने कहा, "घोष ने पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ कई नाटक किए और उनके माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्यों का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया, क्योंकि अंग्रेजों ने सिनेमा में भारतीय संस्कृति को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया था।
श्रोताओं का आभार व्यक्त किया
पूर्व समारोह में तीसरे और अंतिम दिन प्रदेशिक मुशायरे का आयोजन हुआ, जिसमें वरिष्ठ शायर हमीद गौहर ने अध्यक्षता की और इसे डॉ. जिया राना ने संचालन किया। आखिरी सत्र में भोपाल के वरिष्ठ शायर जफर सहबाई ने हिंद मुशायरा का संचालन किया और कई शायरों ने कलाम पेश किए। इस मौके पर उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहंदी ने सभी श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
Published on:
19 Feb 2024 01:15 pm
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