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28 साल का राहुल अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। एक हादसे में राहुल की मृत्यु हो गई थी। इकलौते बेटे की मृत्यु के बाद माता-पिता जैसे-तैसे इस सदमे से बाहर निकले और अपने बेटे के अंगों को नया जीवन देने में कामयाब हो गए। दुख की घड़ी में भी परिवार के इस फैसले की काफी सराहना हो रही है।
राहुल के माता पिता ने अपने बेटे की आंखों को समय रहते दान करवा दिया। माता पिता का कहना है कि हमारा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी आंखें इस संस्सार को देखती रहेंगी। किसी अन्य के शरीर में। युवा पुत्र के जाने के बाद माता पिता ने नेत्रदान करने का साहसिक कदम उठाया, इसकी चर्चा काफी हो रही है। राहुल अपनी दो बहनों में इकलौता भाई था। दोनों बहनों की एक माह पहले ही शादी हुई थी। एक बहन इंदौर में और दूसरी बहन मुंबई में रहती थी।
राहुल के परिवार की रानीपुरा में साबुन की दुकान है। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में दो बड़ी बहनें हैं। दोनों की पिछले माह मुंबई और इंदौर में शादी हो गई थी। राहुल अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ रहता था परिवार के लोग मुस्कान फांउडेशन ग्रुप से जुड़े हैं। रिश्तेदार जीतू बगानी ने रात में परिवार से बात की। इसके बाद राहुल की आंखें दान करने का फैसला किया गया। रात में डॉक्टरों की टीम को भेजकर उनकी आंखें डोनेट कराई गई। राहुल की आंखें दान करने वाले परिवार के निर्णय की काफी सराहना हो रही है।
राहुल अपने दो पहिया वाहन से जा रहा था, तभी एक लोडिंग वाहन ने उसे टक्कर मार दी। राहुल उछलकर दूर जा गिरा और लोडिंग वाहन राहुल के ऊपर से गुजर गया। राहुल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने लोडिंग वाहन को जब्त कर लिया है। राहुल के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कालेज भेज दिया था।
Published on:
26 Feb 2024 12:09 pm

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