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Patrika Campaign: मतदाताओं ने बताई दिल की बात, बोले- ऐसा हो हमारा नेता

Patrika Campaign: मतदाताओं ने बताई दिल की बात, बोले- ऐसा हो हमारा नेता

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भोपाल

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Manish Geete

Aug 10, 2018

Patrika Campaign

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भोपाल। मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों मे प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में जनता के सामने जो प्रत्याशी खड़े किए जाएंगे उन्हीं में से किसी एक को जिताने की मजबूरी होती है। ऐसे में पत्रिका समूह ने हमारा नेता कैसा हो कैंपेन चलाई। जिसमें सैकड़ों लोगों ने बेबाकी से अपनी राय रखी। कई लोगों ने बताया कि नेताओं का चयन प्रतियोगी परीक्षा की तरह होना चाहिए, तो किसी ने बताया कि सादा जीवन उच्च विचारों वाला नेता को मैदान में उतारना चाहिए। कई लोगों ने यह भी कहा कि जनता से सर्वे के आधार पर प्रत्याशियों को मैदान में उतारना चाहिए।

सभी पार्टियों में लगभग प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। ऐसे में पार्टियां सिर्फ जिताऊ उम्मीदवार देखते हैं। टिकट की दावेदारी में प्रत्याशी का धरम, जाति और महत्वपूर्ण अव्यव बन जाता है। इसमें ईमानदार, बेदाग, विकासवादी सोच का उम्मीदवार है या नहीं जैसे कई पहलू नजर अंदाज हो जाते हैं। ऐसे में जनता के पास कम ही विकल्प होते हैं। ऐसी स्थिति में पत्रिका समूह का मानना है कि अब जनता पारटियों पर दबाव बनाए कि वे स्वच्छ छवि के ईमानदार प्रत्याशी को ही मैदान में उतारे।

'हमारा नेता कैसा हो', कैंपेन के सैकड़ों लोगों ने पत्रिका के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बेबाकी से राय रखी। प्रस्तुत है मध्यप्रदेश में होने वाले चुनाव से पहले जनता की अहम राय...।

क्या कहते हैं लोग

हर टेस्ट से गुजरने के बाद बनाएं नेता
दीपेंद्र सिंह चौहान कहते हैं कि हमारा नेता पढ़ा-लिखा और शिक्षित हो एवं सामाजिक न होकर आम व्यक्ति का हो। चौहान कहते हैं कि नेता की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देना चाहिए, जिस प्रकार एक फौज में भर्ती होने के लिए फिजिकल टेस्ट, लिखित परीक्षा, मेडिकल टेस्ट सबके बाद चयन होने के बाद ट्रेनिंग भी होना चाहिए।

सादा जीवन और उच्च विचारों वाला हो
एक यूजर अभिषेक जादौन कहते हैं कि हमारा नेता में सादा जीवन उच्च विचारों वाली खूबियां होना चाहिए। वहीं दिलीप वर्मा कहते हैं कि हमारा नेता ऐसा हो जिसे कोई यात्रा भत्ते, मुफ्त की सवारी सरकारी सुविधाएं बंद होना चाहिए।

बेरोजगारों के लिए काम करे
गिरीश जायसवाल का कहना है कि बेरोजगारी के चलते कई युवा आत्महत्या कर रहे हैं। सबसे पहले युवाओं के लिए सोचे, जिससे सारे अपराधों पर भी रोक लगेगी। क्योंकि मजबूरी में बेरोजगार युवा ही चोरी-डकैती के लिए मजबूर होते हैं। यह अहम मुद्दा है जिससे हर चीजें बढ़ रही हैं।

शिक्षा का स्तर सुधारे
सत्यम कपूर का कहना है कि शिक्षा आज सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्योंकि बच्चों की नींव ही शिक्षा और संस्कारों पर निर्भर रहती है। ऐसा नेता हो जो अपनी सरकार के जरिए शिक्षा का स्तर सुधार सके, जिससे अपराध में कमी आएगी और बच्चे बढ़े होकर अपने देश का नाम रोशन कर सके।

अपने क्षेत्र के विकास पर फोकस रहे
भोपाल के मयूर दाते कहते हैं कि हमारा नेता ऐसा होना चाहिए जो अपने क्षेत्र के विकास पर फोकस कर सके। जबरदस्ती के बयानबाजी में न पढ़कर विकास के लिए सोचे और अपने क्षेत्र की ही जनता का भला सोचें।

नेताओं को हटाने का मिले अधिकार
राकेश वर्मा लिखते हैं कि नेता कोई भी चुने, यदि वो विकास नहीं कर पा रहा है तो उसे वापस पद से हटाने का भी अधिकार होना चाहिए। खासकर विधानसभा चुनाव या लोकसभा चुनाव के लिए यह प्रावधान होना चाहिए।

किसी भी फील्ड का विशेषज्ञ जरूर हो हमारा नेता
शिवराज साहू ने पत्रिका के कैंपेन में भाग लेते हुए कहा कि आज का नेता विदेशों की तरह किसी क्षेत्र विशेष में विशेषज्ञ जरूर होना चाहिए। जैसे वो खिलाड़ी हो सकता है, तकनीक का जानकार हो, या वैज्ञानिक हो, डाक्टर हो सकता है या इंजीनियर हो सकता है। जो अपनी सूझबूझ के साथ अपने क्षेत्र का विकास करने में सक्षम हो।

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