
भोपाल। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लडऩे में पिछले चुनाव की तुलना में रुचि कम हुई है। इस चुनाव में 7691 अभ्यार्थियों ने तालठोक कर मैदान में आए थे, लेकिन इससे 15 सौ से अधिक ने अपने आप को इससे पीछे कर लिया। वहीं प्रतिद्वंदता करीब चार गुना बढ़ी है। वर्ष 2014-15 में जिला पंचायत की पांच सीटें निर्विरोध निर्वाचित हुई थी, जबकि इस वर्ष सिर्फ सागर जिले की एक सीट हुई है, वह भी ये सीट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के चक्कर में निर्विरोध हुई है।
पिछले चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के लिए 7504 सदस्य चुनाव मैदान में थे, जबकि इस वर्ष 6070 अभ्यर्थी ही चुनाव मैदान में हैं। पिछले वर्ष की तुलना में 1434 सदस्य कम हैं। जिला पंचायत सदस्यों के लिए कुल 875 वार्ड हैं। पिछले चुनाव में नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत न होने और निरस्त होने के कारण एक वार्ड में चुनाव नहीं हुआ था।
पिछले चुनाव में निर्विरोध की स्थिति
जिला पंचायत सदस्य ---5
जनपद पंचायत सदस्य --99
सरपंच -------------632
इस चुनाव की स्थिति
इस चुनाव की स्थिति
जिला पंचायत सदस्य---1
जनपद पंचायत सदस्य --157
सरपंच ----------604
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52 वार्डों में कांटे की टक्कर
जिला पंचायत सदस्यों के 52 वार्डों में दो प्रत्याशियों के बीच में चुनावी मुकाबला होगा। इंदौर जिले की 6 वार्डों में सिर्फ दो प्रत्याशी ही मैदान में हैं। इस जिले में 17 वार्डों में से 13 सीटें ऐसे हैं, जिनमें दो या तीन ही प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इन वार्डों में दो से अधिक अभ्यार्थियों ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। जबकि 83 वार्डों में त्रिकोणी मुकाबला है।
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निर्विरोध जीतने में महिलाओं का दबदबा
जनपद पंचायत और सरपंच पद के लिए निर्विरोध जीतने में महिलाओं का दबदबा है। सरपंच पद के लिए 604 निर्विरोध पंचायतों में से 396 महिलाएं जीती हैं। वहीं 157 निर्विरोध जनपद पंचायत सदस्यों में से 103 महिलाएं चुनी गई हैं।
Published on:
12 Jun 2022 09:30 pm

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