भोपाल

तीन दिन ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का ‘राज’, शासन व्यवस्था से रूबरू होंगे पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू

King Vikramaditya- उनकी शासन व्यवस्था से आमजन को अवगत कराने विक्रमोत्सव आयोजित किया जा रहा है जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भी आमंत्रित किया गया है।

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Mar 22, 2025
PM Modi and President Murmu will be introduced to the governance of King Vikramaditya

King Vikramaditya - सम्राट विक्रमादित्य को भला कौन नहीं जानता! न्यायप्रियता, पराक्रम, पुरुषार्थ, वीरता और ज्ञानशीलता के लिए उन्हें केवल भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में आदर के साथ याद किया जाता है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर 2082 साल पहले विक्रम संवत का प्रवर्तन किया था। उन्होंने गणराज्य की स्थापना कर लोकतांत्रिक व्यवस्था का सूत्रपात किया और जनता के प्रति जवाबदेह मंत्रि-मंडल गठित किया। सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन के सभी सूत्रों को स्थापित करते हुए सुयोग्य 32 मंत्रियों को चुना जिसकी वजह से उनके सिंहासन को “सिंहासन बत्तीसी’’ कहा गया। उज्जैन के ये 'राजा' अब तीन दिन दिल्ली में 'राज' करेंगे। उनकी शासन व्यवस्था से जन-जन को अवगत कराने विक्रमोत्सव आयोजित किया जा रहा है जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भी आमंत्रित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में विक्रमोत्सव के संबंध में मीडिया के लिए संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के बाद सम्राट विक्रमादित्य का शासन ही सुशासन की मिसाल स्थापित करता है। प्रदेश सरकार देशभर में विक्रमोत्सव के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित कर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं और उनकी शासन व्यवस्था से जन-जन को प्रेरित कराने का प्रयास कर रही है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि आगामी 12-13 और 14 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य पर केन्द्रित भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी आमंत्रित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव भारतीय ज्ञान परम्परा के विभिन्न पहलुओं के प्रकटीकरण का एक माध्यम है। सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में प्रत्येक मंत्री अलग विषयों के विशेषज्ञ थे जो देश के अलग-अगल क्षेत्रों से आकर सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था से जुड़कर, व्यवस्था को सुशासन में बदलने का कार्य कर रहे थे। यह सौभाग्य का विषय है कि सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी उज्जैन थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गुड़ी पड़वा के मौके पर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन चरित्र पर केन्द्रित आयोजन प्रदेशभर में होंगे। राज्य के बाहर भी कार्यक्रम होंगे।

Updated on:
22 Mar 2025 09:48 pm
Published on:
22 Mar 2025 09:45 pm
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