
कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सांसद-विधायकों से संवाद करते पीएम मोदी, सीएम, डिप्टी सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष।
PM Modi in Bhopal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राजधानी भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे सभागार पहुंचे। उन्होंने भाजपा के सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारियों से तीन घंटे संवाद किया। शाम 5.20 बजे मोदी सभागार में पहुंचे और रात 8.30 बजे तक संवाद करते रहे। एक ओर प्रधानमंत्री ने कई मूलमंत्र देकर आत्मसात करने की सलाह दी। वहीं, सांसद-विधायकों से सवाल भी पूछे। उन्होंने सभी से कहा, विपक्ष की भूमिका अदा नहीं करें। आसमान पर नहीं, जमीन पर रहकर काम करें। आपका व्यक्तित्व जमीन से जुड़ा नहीं रहा तो जनता को आपके ऐसे व्यवहार से चिढ़ छूटने लगती है। अच्छी छवि होगी तो अफसर खुद काम कर देंगे। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनने तक के सफर के अनुभव भी बताए।
खास यह रहा कि पीएम मोदी ने तीन घंटे सिर्फ दिल की बात की और सांसद-विधायकों के मन की बात सुनी। इस दौरान मंच पर पीएम मोदी के साथ सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, डिह्रश्वटी सीएम राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने विधायक और सांसदों को विपक्ष की भूमिका अदा नहीं करने की नसीहत दी। उन्होंने दो टूक कहा कि अफसरों से मिलकर रहें। चूंकि काम मंत्री नहीं करते, अफसर करते हैं। यदि आपका अच्छा व्यक्तित्व और अच्छी छवि रहेगी तो अफसर आपका काम खुद करेंगे।
मोदी ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को आसमान नहीं, जमीन पर रहकर काम करना चाहिए। आप भले ही जनता के काम करते हैं, लेकिन यदि आपका व्यक्तित्व जमीन से जुड़ा नहीं होगा तो जनता को आपकी ऐसे व्यवहार से चिढ़ छूटने लगती है।
प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन से जुड़े कई किस्से साझा किए। उन्होंने गुजरात सीएम से प्रधानमंत्री बनने तक के अपने सफर की रोचक बातें बताईं। कहा कि इतने लंबे राजनीतिक सफर में उनके कभी अफसरों से खराब संबंध नहीं रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया में तस्वीरें साझा करते हुए कहा, मप्र के भाजपा सांसद और विधायकों से चर्चा का सुअवसर मिला। जनता- जनार्दन के प्रति उनके समर्पण और सेवाभाव को लेकर बातचीत हुई। हमारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कैसे लाभ पहुंचे, इस पर बहुत सार्थक विचारविमर्श हुआ है।
1. कुशाभाऊ ठाकरे ने मप्र में भाजपा को मजबूती दी। कार्यक्रम भी कुशाभाऊ सभागार में था, इसलिए मोदी ने उनकी यादों से जुड़े सवाल पूछे। इसका जवाब मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दिया। विधायक महेंद्र हार्डिया ने कहा, ठाकरे राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब फोन आया। मैं चकित था उन्होंने उस कार्यकर्ता का हाल पूछा, जिसका एक्सीडेंट हुआ था। वे इतने बड़े पद पर भी जिला कार्यकर्ताओं की चिंता करते थे। हालांकि कई विधायक सही जवाब नहीं दे सके।
2. मोदी ने पूछा-एक जनप्रतिनिधि का व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए? जवाब विधायक महेंद्र हार्डिया, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके व अन्य जनप्रतिनिधियों ने दिया।
कार्यक्रम के बाद एक पूर्व मंत्री मुंह पर अंगुली रखकर निकले। जब मीडिया ने सवाल पूछा तो कुछ कहने से मना कर दिया। एक विधायक ने बताया, पीएम ने कहा, हमारी बात आत्मसात करें या न करें यह आपका फैसला पर यहां की बात का जिक्र न करें। सभागार में जनप्रतिनिधि दोपहर 3 बजे पहुंचे थे। मंत्री इंदरसिंह परमार, सांसद शंकर लालवानी पास भूल गए थे। पास मंगवाने पर प्रवेश मिला।
1. जनता के मालिक नहीं सेवक बनकर करें काम।
2. संवाद, समन्वय और स्वास्थ्य सबसे महत्त्वपूर्ण।
3. गरीबों की सेवा कर सरकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाएं।
4. प्रवक्ता का काम उन्हीं को करने दें, अपना दायरा समझें और उसी में काम करें।
5. सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग कर प्लानिंग से करें काम।
Updated on:
24 Feb 2025 10:27 am
Published on:
24 Feb 2025 08:44 am
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