भोपाल। कोलार थाने का नजारा इन दिनों किसी रेत की मंडी से कम नहीं है। थाने के सामने रेत से भरे तीन डंपर खड़े हैं। इन डंपरों से रेत गायब हो रहा है और यह किसी को नजर नहीं आ रहा है। गौरतलब है कि एनजीटी द्वारा रेत खनन पर लगाई गई रोक के मद्देनजर गुरुवार रात इन डंपरों को जब्त किया गया था।
ये है मामला
जब्त हुए डंपरों का रेत थाने के समीप ही एक खाली पड़े प्लॉट में रखा गया है। यहां से टाटा 407, लोडिंग ऑटो और ऑटो में बोरियों के अंदर भरकर दूसरी जगह सप्लाई हो रहा है। यह सब दिनदहाड़े चल रहा है, लेकिन इस गोरखधंधे को आला अफसर भी नजरअंदाज किए हुए हैं।
नंबर प्लेट साफ नहीं : चौंकाने वाली बात यह है कि जब्त हुए डंपरों की नंबर प्लेट के अंक एेसे पोत दिए गए हैं कि कोई घटना या दुर्घटना होने पर इन्हें आसानी से पढ़ा या देखा नहीं जा सकता है।
क्या है मामला
गुरुवार रात गोल जोड़ के पास से टीआई अनिल शुक्ला ने रात्रि गश्त के दौरान रेत से भरे तीन डंपरों को जब्त कर कोलार थाने में खड़ा करा दिया। डंपर आज तक थाने के सामने खड़े हैं, लेकिन उनकी चालानी कार्रवाई नहीं हो सकी है। जब्त हुए इन डंपरों में से डंपर क्रमांक (एचआर 74-6799) का रेत रविवार दोपहर थाने के समीप एक खाली पड़े प्लॉट में खाली करा लिया गया और दूसरे वाहनों में भरकर उसे अन्य ठिकानों पर सप्लाई किया गया।
ऐसे गायब होती रही रेत
दोपहर 3 बजेे : एक टाटा 407 क्र. (एमपी 04 जीए 5466) कोलार थाने पहुंची। इसमें दो मजदूर थे। इन्होंने डंपर से खाली हुआ रेत वाहन में भरा। इसके बाद यह वाहन रवाना हो गया।
दोपहर 3.45 : एक लोडिंग ऑटो (एमपी 04 एलसी 3546)
कोलार थाने पहुंचा। इसके साथ एक पुलिसकर्मी और मजदूर था। इसमें भी रेत भरा गया। रेत लेकर ऑटो नेहरू नगर पुलिस लाइन पहुंच गया।
5 बजे: एक ऑटो थाने पहुंचा। दो युवकों ने बोरियों में रेत भरकर ऑटो में रखी और रवाना हो गए।
इनका कहना है-
हमने तीन डंपर जब्त किए हैं। बिना रॉयल्टी के मामले पर जब्ती की गई है। अभी छुट्टी होने पर खनिज विभाग की चालानी कार्रवाई नहीं हो सकी। रेत खाली होने की जानकारी नहीं है। इसका पता करवा लेंगे।
अनिल शुक्ला, टीआई
तीन दिन से रेत से भरे डंपर खड़े हैं, तो टीआई ने चालान क्यों नहीं बनवाया। जब्त डंपर को कैसे खाली कर दूसरे वाहन से रेत भेजा गया, पड़ताल के लिए एएसपी राजेश सिंह भदौरिया को भेजेंगे।