दो माह तक पूरे शहर में एक दिन छोड़कर होगी पानी सप्लाई...
भोपाल। विधानसभा चुनावों में जरूर कांग्रेस का साथ कई मामलोें में किस्मत ने दिया, लेकिन लोकसभा से पहले सामने आ रही एक परेशानी ने कांग्रेस के आला नेताओं को तक परेशानी में डाल दिया है।
दरअसल लोकसभा चुनाव के इस बार मई में होने के आसार हैं, ऐसे में पिछले साल हुई कम बारिश कांग्रेस के लिए परेशानी का कारण बनती दिख रही है।
सामने आ रही जानकारी के अनुसार कम हुई बारिश के कारण राजधानी में अगले दो महीने यानी एक फरवरी से 31 मार्च तक एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई होगी।
जानकारों के अनुसार ऐसे में जनता कांग्रेस को लेकर नाराजगी भी दर्ज कर सकती है। वहीं नगर निगम के जलकार्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव नगर निगम आयुक्त को भेज दिया है।
वहीं कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि मार्च के बाद अप्रैल में इस समस्या से यदि निजाद मिल जाती है, तो ऐसे में कांग्रेस फिर से गति पकड़ सकती है। वहीं चुंकि चुनाव मई के आस पास होने के आसार हैं तो पानी की किल्लत को उस समय के हिसाब से ठीक किया जा सकता है।
विशेष बैठक में लगेगी मुहर...
बताया जाता है कि जनवरी में होने वाली निगम परिषद की विशेष बैठक में आयुक्त के इस प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। जो 21 या 22 जनवरी को संभव है।
सामने आ रही जानकारी के अनुसार इस बार बड़े तालाब का जलस्तर पिछले साल के मुकाबले 0.70 फीट कम है। वहीं इस विशेष बैठक में स्लाटर हाउस के टेंडर की मंजूरी का प्रस्ताव भी आएगा।
ये है स्थिति...
इस साल मानसून खत्म होने तक एक अक्टूबर को यह 1661 फीट पर पहुंच पाया था। एक साल पहले यह 1661.80 फीट था। गुरुवार को तालाब का जलस्तर 1657.45 फीट दर्ज हुआ, जो एक साल पहले के मुकाबले 0.7 फीट कम है। तालाब का एफटीएल 1666.80 फीट है। वहीं कहा जा रहा है कि पानी की इस कमी को देखते हुए कटौती करना जरूरी हो गया है।
एक दिन छोड़कर आएगा यहां पानी :
बड़े तालाब के साथ कोलार व नर्मदा से सप्लाई वाले सभी क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर पानी आएगा। दरअसल, निगम बड़े तालाब से पानी लेना बंद कर देगा। कोलार व नर्मदा से एक दिन बड़े तालाब के एरिया में सप्लाई होगी और दूसरे दिन शेष शहर में।
नगर निगम कमिश्नर बी विजय दत्ता का कहना है कि बड़े तालाब में पानी की कमी को देखते हुए दो महीने के लिए एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई करने का प्रस्ताव है। इससे हमें गर्मी में पानी सप्लाई बरकरार रखने में सुविधा होगी।
कोलार में नहीं पड़ेगा इसका असर :
कोलार क्षेत्र में जहां केरवा डैम से पानी सप्लाई होती है, वहां इसका असर नहीं पड़ेगा। जल संसाधन विभाग के अफसरों के अनुसार पेयजल सप्लाई के लिए 5 एमसीएम पानी आरक्षित किया गया है और यह उपलब्ध है।
वहीं सामने आ रही सूचना के अनुसार महापौर आलोक शर्मा का मानना है कि नगर निगम प्रशासन के इस प्रस्ताव पर पक्ष-विपक्ष के पार्षद विचार करके निर्णय लें। जबकि नगर निगम में विपक्ष के कुछ नेताओं का कहना है कि बड़े तालाब और कोलार से सप्लाई वाले इलाकों में कटौती की जरूरत है, लेकिन नर्मदा से पर्याप्त पानी मिल रहा है। नर्मदा से सप्लाई वाले क्षेत्र में कटौती नहीं होना चाहिए।
आज की स्थिति:
आज भी शहर के कई इलाकों में पानी सप्लाई एक दिन छोड़कर होती है। इनमें शाहजहांनाबाद, बारा महल, ईदगाह हिल्स, शहीद नगर, साजिदा नगर, रामानंद नगर, बरेला गांव, नूरमहल रोड, हवामहल रोड, मालीपुरा, अमर बस्ती, बढ़ईपुरा, चौक, सेमरा, प्रिंस कॉलोनी, सुंदर नगर शामिल हैं।
इस बार मानसून बन सकता है परेशानी का कारण :
नगर निगम अफसरों के अनुसार मानसून पिछले साल देरी से आया था, लेकिन जूून के दूसरे सप्ताह से पानी का लेवल स्थिर इवापोरेशन कम होने के कारण हो गया था।
ऐसे में यदि इस बार भी मानसून में देरी होती है, तो परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए दो महीने की कटौती करके इतना पानी बचा लिया जाएगा कि गर्मी के मौसम में जब पानी की मांग बढ़ेगी तब रोजाना सप्लाई की जा सके।
पिछले साल भी झेली थी तकलीफ:
इससे पहले यानी 2018 में भी एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई का प्रस्ताव बना था, लेकिन तत्कालीन निगमायुक्त प्रियंका दास ने तालाब से पानी की कटौती करके नर्मदा और कोलार से इसकी पूर्ति करने का फैसला लिया। इसके चलते पूरी गर्मी नॉर्थ टीटी नगर, बाणगंगा, श्यामला हिल्स सहित पुराने शहर ने पानी की तकलीफ झेली थी।
वहीं करीब दस साल पहले यानि 2009 में भी शहर में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई की स्थिति बनी थी। उस समय तत्कालीन निगमायुक्त मनीष सिंह ने तालाब के पंप हाउस पर राइजिंग पाइप की गहराई बढ़ाकर 1650 फीट तक पानी लेने की व्यवस्था कराई थी, इसके पहले तक यहां से 1652 फीट तक पानी लिया जा सकता था।