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भीमबेटका में बनेगा प्री-हिस्टोरिक पार्क, मानव उद्भव से विकास तक की गाथा देख सकेंगे

वन क्षेत्र से बाहर करीब 5 एकड़ में पर्यटन विभाग करेगा तैयार

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prehistoric park in bhimbetka

भोपाल। पर्यटन बोर्ड भीमबेटका में प्री-हिस्टोरिक पार्क बनाएगा। इसमें मानव उद्भव से लेकर विकास तक की गाथा दिखाई जाएगी। यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल भीमबेटका की गुफाओं को देखने के लिए विश्वभर के पर्यटक आते हैं। उन्हें इतिहास से रू-ब-रू कराने के लिए व्याख्या केंद्र भी बनाया जाएगा। जहां वे अपनी भाषा में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

5 एकड़ जमीन चिन्हित की गई

पर्यटन बोर्ड के एएमडी विवेक क्षोत्रिय के अनुसार पार्क का निर्माण वन विभाग क्षेत्र से बाहर भीयापुर गांव के पास किया जाएगा। इसके लिए यहां करीब 5 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। पर्यटन बोर्ड इसका प्रस्ताव तैयार कर म्यूजियम ग्रांट स्कीम के तहत केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वहां से फंड स्वीकृत होते ही इसका काम शुरू होगा।

गुफाओं में जीवंत होंगी कहानियां

भीमबेटका की गुफाओं में बने शैलचित्र 10 से 30 हजार वर्ष तक पुराने हैं। कई गुफाओं में समय के साथ चित्र धुंधले हो गए हैं। प्री-हिस्टोरिक पार्क में भी भीमबेटका की तरह ही गुफाएं तैयार की जाएंगी। जिनमें अलग-अलग गैलेरी होंगी। यहां इन शैल चित्रों को भोपाल के जनजातीय संग्रहालय की तरह ऐसे तैयार किया जाएगा कि उनमें जीवतंता नजर आए। अलग-अलग गुफाओं में अलग-अलग गैलेरी होंगी। पर्यटकों को इतिहास से जोड़ते हुए इनका महत्व बताया जाएगा। ऑडियो-विजुअल माध्यम से अलग-अलग भाषाओं में मानव इतिहास से जुड़ी जानकारी दी जाएंगी।

प्रदेशभर के इतिहास से हो सकेंगे रू-ब-रू
भीमबेटका के आसपास भी जंगल में कई गुफाओं में शैल चित्र दिखाई देते हैं। इसके अलावा मंदसौर स्थित चतुर्भुज नाला, लाखा जुआर, जावरा, कठोतिया, आदमगढ़, राम छज्जा और पचमढ़ी तक शैली चित्रों का समृद्ध इतिहास देखने को मिलता है। प्री-हिस्टोरिक पार्क में प्रदेश के इतिहास के अलग-अलग कालखंड की झलक देखने को भी मिलेगी।