क्लेम किसे मिले, यह संशय था, लेकिन इस मामले में आरसीटी के ज्यूडीशियल मेंबर मदन मोहन पारिख व टैक्निकल मेंबर रश्मि कपूर की बेंच ने मानवीय पहलू को देखते हुए सीपीसी की धारा-151 के आधार पर फैसला सुनाया। फैसले में रेलवे को आदेश दिया गया है कि दोनों बच्चों को दो-दो लाख रुपए बतौर मुआवजा और 10 प्रतिशत की दर से 4 साल का ब्याज चुकाया जाए। यह राशि बच्चों के नाम अकाउंट में फिक्स डिपॉजिट कराई जाएगी, जिसे कि बालिग होने पर ही बच्चे निकाल सकेंगे।