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सुपर विलेन रंजीत ने कहा: मैं तो मुंबई छोड़कर जा रहा था, दोस्त को काम दिलाने सुनील दत्त के पास ले गया तो मुझ ही फिल्म मिल गई

भोपाल आए एक्टर रंजीत बोले, मेरी फिल्मों के रेप सीन में वल्गैरिटी नहीं होती थी, जितनी आज की फिल्मों में हो गई है

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भोपाल। जब घरवालों ने टीवी पर मुझे बलात्कारी का रोल करते देखा तो मुझे अंदर नहीं घुसने नहीं दिया। मां-बाप, रिश्तेदार सभी ने मुझसे रिश्ता रखना बंद कर दिया था। मां ने कहा था कि तूने ऐसा काम किया है, अब हम लोगों को क्या मुंह दिखाएंगे। हालांकि, धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि मैं सिर्फ एक रोल कर रहा हूं तो उन्हें इसे एक्सपेट किया। वैसे, मैं लक बाय चांस एक्टर बन गया। मैं शुरू में एक्टिंग को लेकर सीरियस नहीं था। मुझे काम नहीं मिल रहा था तो मुंबई छोड़कर जा रहा था। एक दोस्त ने कहा कि मुझे काम दिला। मैं उसे सुनील दत्त के ऑफिस ले गया। वहां पता चला कि वे मुझसे नाराज हैं क्योंकि वह एक फिल्म में मुझे लेना चाहते थे मगर मुझसे संपर्क नहीं कर पा रहा था। मैं उनसे मिला और इस तरह मुझे फिल्म 'रेशमा और शेरा' में रोल मिला। इसके बाद फिल्म 'सावन भादों' में एक छोटा सा रोल किया। फिल्म शर्मीली से मुझे अलग पहचान दी। यह कहना था एक्टर रंजीत का। वे मॉडल आईटीआई ऑडिटोरियम में एटीडीसी फैशन शो में गेस्ट के रूप में आए थे।

इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं था
रंजीत ने कहा कि मेरा इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं था, इसलिए खूब परेशानी भी झेलना पड़ी। हालांकि, एक वक्त ऐसा भी आया कि मैं इतनी फिल्म कर रहा था कि घर जाने का वक्त भी नहीं मिलता था। कई बार तो वक्त बचाने के लिए कार में ही सो जाता था। लोग मेरे नाम से फिल्में अनाउंस कर देते थे और मुझे पता ही नहीं होता था। हालांकि, मैंने ऐसी फिल्मों के लिए कभी मना भी नहीं किया।

मैं अब फिल्में नहीं देखता
रंजीत ने कहा कि मैं जब एक्टर नहीं बना था तो देवआनंद और राजकपूर को फिल्मों में देख हमेशा सोचता था कि एक बार इनसे मिलना है, इनके साथ काम करना है। एक्टर बनने के बाद मैं सिर्फ डबिंग के समय अपने सीन देखता था। एक दौर ऐसा भी था कि मेरी विलेन और रेपिस्ट वाली छवि के चलते महिलाएं मेरे पास आने से घबराती थीं लेकिन उस समय फिल्म के रेप सीन में भी उतनी वल्गैरिटी नहीं होती थी, जितनी आज की फिल्मों में हो गई है। आजकल तो मैं फिल्में ही नहीं देखता। उन्होंने कहा कि वेब सीरीज में तो डायरेक्टर्स ने सारी सीमाएं तोड़ दी हैं, इन पर सेंसरशिप भी नहीं है। इन्हें तो फैमिली के साथ देख भी नहीं सकते।