भोपाल. आंचलिक विज्ञान केंद्र में शुरू हुई तीन दिवसीय साइंस फिएस्टा में युवाओं की भविष्य को लेकर सोच की झलक दिखाई दी। राजधानी के अलग-अलग कॉलेजों से बच्चों ने अपने बनाए मॉडल प्रस्तुत किए। इस प्रदर्शनी में एम्स, क्रिस्प-इंडिया, आरजीपीवी, सीएसआईआर-एम्प्री, एप्को, सीपीसीबी, मौसम विज्ञान विभाग, आईएमडी, आईआईएसईआर, उर्जा विकास निगम, म.प्र. राज्य जैवविविधता बोर्ड सहित कुल 15 वैज्ञानिक संगठनों ने भाग लिया।
मौसम विभाग ने दिखाया कैसे हर दिन का तापमान मापते है
मौसम विभाग ने पवन की दिशा, गति मापने के लिए उपकरण, ऊपरी वायुमंडल के मौसम के मापदंडों का पता लगाने के लिए हाइड्रोजन गुब्बारे का लाइव एक्सपेरिमेंट करके दिखाया। वहीं आईईसर ने मेटल डिटेक्टर, पोर्टेबल एक्यूआई मेजरमेंट डिवाइस, आईआईएसएस ने रेपो कम्पोस्टर और मृदा परीक्षक मशीन, आरएमएनएच ने घड़ियाल की खाल, विलुप्त हुई एक उल्ली की प्रजाति, प्लेन टाइगर बटरफ्लाई के मॉडल दिखाए।
कार्यक्रम में इसरो ने स्पेस ऑन व्हील्स की प्रदर्शनी की। जिसमें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, भारत द्वारा प्रक्षेपित उपग्रह, विभिन्न तरीके के भारतीय लॉन्चिंग रॉकेट्स, चंद्रयान इत्यादि के बारे में मॉडल के माध्यम से दिखाया गया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम, भोपाल द्वारा अक्षय ऊर्जा से सम्बंधित मॉडल को भी एक भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाया गया।
गगनयान इंसानों को लेकर भरेगा अपनी उड़ान, आदित्य L1 मिशन से सूरज पर होगी रिसर्च
इसरो 2023 में गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में इंसानों के लेकर उड़ान भरेगा और उन्हें सुरक्षित वापस भी लाएगा। दूसरे मिशन में सूरज की स्टडी करने के लिए आदित्य L1 मिशन पर भी इसरो काम कर रहा है। इसरो की स्पेस ऑन व्हील्स बस में भारतीय अंतरिक्ष की अब तक की पूरी जर्नी प्रदर्शित की जा रही है।
इसके साथ ही 11 जनवरी को सुबह 11 बजे केंद्र परिसर में एक लोकप्रिय विज्ञान व्यख्यान का भी आयोजन होगा। इसका विषय जीनोम से परे: विकास से रोगों तक है। प्रो. संजीव शुक्ला, जीव विज्ञान विभाग, आईआईएसईआर, भोपाल देंगे।