
शरद कोल का इस्तीफा विवादों में फंसा, स्पीकर बोले सदस्यता समाप्त, सचिवालय ने जारी नहीं किए आदेश
भोपाल। भाजपा विधायक शरद कोल के इस्तीफे को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। गुरूवार रात स्पीकर एनपी प्रजापति ने शरद कोल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था, उन्होंने शुक्रवार सुबह मीडिया में पुष्टि करते हुए कहा कि कोल ने जो त्यागपत्र दिया वह उनकी हस्तलिपी में है और बाद में त्यागपत्र वापस लेने के लिए जो पत्र लिखा वो कंप्यूटर पिं्रट है। इसके साथ ही कोल ने त्यागपत्र तो व्यक्तिगत रूप से मिलकर दिया था लेकिन अभी तक मुझसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर यह नहीं कहा कि उनका त्यागपत्र निरस्त किया जाए। इसलिए उनका त्यागपत्र स्वीकृत करते हुए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई है। उधर प्रमुख सचिव एपी ङ्क्षसह ने 16 कांगे्रेसी विधायकों के त्यागपत्र स्वीकृत कर उनकी सदस्यता खत्म करने की अधिसूचना तो जारी कर दी, लेकिन कोल की सदस्यता समाप्त नहीं की। ऐसे में कोल विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होकर सदन में बैठे और उन्होंने उपस्ििथति रजिस्टर में हस्ताक्षर भी कर दिए।
सूत्रों का कहना है कि सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद स्पीकर एनपी प्रजापति की इस मामले में प्रमुख सचिव सिंह के साथ तीखी झड़प हो गई। स्पीकर ने कहा कि जब मैंने आदेश दिए थे तो उसके बाद कोल का नाम अधिसूचना में क्यों नहीं डाला। बताया जाता है कि इस मामलें में सीएम के इस्तीफे के तत्काल बाद भाजपा के नेताओं ने विधानसभा सचिवालय पर दबाव बनाया कि जब कोल 16 मार्च को अपना त्यागपत्र निरस्त करने का पत्र लिख चुके हैं तो उनकी सदस्यता न खत्म की जाए।
Published on:
21 Mar 2020 06:03 am
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