25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल-जबलपुर रोड पर कलियासोत नदी पुल का रीटेनिंग वाॅल टूटा, यातायात प्रभावित

- सुरक्षा कारणों से सरकार ने एनएच के दो-दो सर्विस को किया बंद, यातायात बरकरार रखने मरम्मत का काम शुरू - रीटेनिंग वाॅल के मरम्मर और पुल के क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए मरम्मत कार्य भी सोमवार की सुबह से प्रारंभ कर दिया गया है

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Ashok Gautam

Jul 25, 2022

काली घटा छाई

जोधपुर. सावन मास में मानसून मेहरबान रहने से आसमान में काली घटा छाई नजर आने लगी है। वीर दुर्गादास राठौड़ ओवरब्रिज से लिया गया आसमान में छाई काली घटा का दृश्य।

भोपाल। भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर गोहरगंज से भोपाल के बीच स्थित कलियासोत नदी पर बने पुल का रीटेनिंग वॉल रविवार की रात अचानक टूट गया। सुरक्षा कारणों के चलते आठ लेन वाले इस एनएच के आने-जाने के दो-दो लेन को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही रीटेनिंग वाॅल के मरम्मर और पुल के क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए मरम्मत कार्य भी सोमवार की सुबह से प्रारंभ कर दिया गया है।

भोपाल-मंडीदीप आने-जाने वाले सभी वाहनों के लिए यातायात लगभग एक किमी की लम्बाई में चार लेन (दो-दो लेन) सड़क को बंद कर दिया गया है। इसके रख रखाव कर रही एजेंसी मध्य प्रदश रोड डेवलपमेंट एजेंसी एमपीआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि तेज बारिश और बांध से नदी में पानी एकदम छोडऩे से रीटेनिंग बाल छतिग्रस्त हुई है।

दोषी इंजीनियर निलंबित, दो की विभागीय जांच

एमपीआरडीसी ने इस मामले में दोषी इंजीनियर एसपी दुबे को निलंबित कर दिया है। जबकि तत्कालीन जिला प्रबंधक पवन अरोरा तथा तत्कालीन एजीएम सेवानिवृत्त डीके जैन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। वहीं विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने इस पूरे एनएच में बने पुल पुलिया तथा मार्ग के निर्माण की जांच कराने के लिए आईआईटी रुड़की के जरिए दो माह के अंदर जांच करने के निर्देश दिए हैं। उक्त रोड तीन वाईपास , चार ग्रेड सपरेटर, 5 अंडर पास, 3 बड़े पुल, 13 छोटे पुल तथा 32 पुलिया बनाई गई हैं।

पुल निर्माणकर्ता कंपनी अपने खर्च पर फिर बनाएगी पुल

छतिग्रस्त पुल को मेसर्स सीडीएस इंडिया लिमिटेड द्वारा अपने खर्च पर पुन: निर्माण कराया जाएगा। क्योंकि यह पुल कंपनी के गारंटी पीरियड में था। वहीं इस पुल के कंसल्टेंट कंपनी थीम इंजीनियरिंग कंपनी को ब्लेक लिस्टेड कर दिया गया है। कंपनी पर दण्डात्मक कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा उसके द्वारा पिछले पांच सालों में जितने कार्य कराए गए हैं, उसका तकनीकी आडिट होगा। वहीं ठेकेदार को एक हफ्ते के अंदर क्षतिग्रस्त पुल को नए सिरे बनाने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने लिए एक हफ्ते का समय दिया है। चार माह के अंदर ठेकेदार को पुर्ननिर्माण कार्य करना होगा।

एक साल पहले बना था पुल -
इस पूरे प्रोजेक्ट का अनुबंध वर्ष 2017 में किया गया था। वर्ष 2021 में यह प्रोजेक्ट पूरा हआ है। मई 2021 में मप्र रोड डेवलपमेंट कापोर्रेशन ने संबंधित कंपनी (सीडीएस इंडिया लिमिटेड) को कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र दिया था।