13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आवारा मवेशी को बचाने यू-टर्न पर 10 फीट गहरे गड्ढे में पलटी कार, महिला डॉक्टर की मौत, व्यापारी घायल

खजूरी सड़क इलाके के बरखेड़ा बोंदर में दर्दनाक हादसा: सीट बेल्ट नहीं लगाने से डॉक्टर का सिर डैश बोर्ड से टकराया

3 min read
Google source verification
news

road accident

भोपाल. खजूरी सड़क इलाके में बरखेड़ा बोंदर के पास यू-टर्न पर अचानक सड़क पर आए आवारा मवेशी को बचाने में तेज रफ्तार कार 10 फीट गहरे गड्डे में गिरकर पलट गई। हादसे में पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कार चला रहा व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका कमर की हड्डी टूट गई है। घायल व्यापारी डॉक्टर का रिश्तेदार होने के साथ दोस्त बताया जा रहा है। हादसा बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे उस दौरान हुआ जब कार सीहोर की तरफ से भोपाल आ रही थी। खजूरी पुलिस हादसे की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, मूलत: भरतपुर, राजस्थान निवासी 24 वर्षीय अंकिता गुप्ता पिता अनिल गुप्ता पीपुल्स मेडिकल कॉलेज से इसी साल एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप कर रही थी। वह कॉलेज कैंपस में ही हॉस्टल में रहती थी। बुधवार सुबह करीब दस बजे हर रोज की तरह वह हास्टल से ड्यूटी पर निकली। इसके बाद शाम को वह गोविंदपुरा निवासी कारोबारी जयंत अग्रवाल की कार में बैठकर चली गई। रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों सीहोर की तरफ से लौट रहे थे। बरखेड़ा बोंदर के पास वह मोड़ पर पहुंचे ही थे कि अचानक कार अनियंत्रित होकर गड्ढे में उतर कर पलट गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें कार से बाहर निकाला। अंकिता के पिता अनिल राजस्थान में एसपी ऑफिस में पदस्थ हैं। उसकी बड़ी बहन चुन्नू डेंटिस्ट है।

सीट बेल्ट-एयरबेग से बची जयंत की जान
पोल में टकराने के बाद कार के एयरबैग खुल गए। अंकिता सीट बेल्ट नहीं लगाया था। उसका सिर डैश बोर्ड से टकरा गया। सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई। वहीं, जयंत सीट बेल्ट लगाया हुआ था। ऐसे में उसके सिर पर चोट नहीं लगी और उसकी जान बच गई।

गुरुवार को अंकिता को घर जाना था
अंकिता को गुरुवार को घर जाना था। उसने रिजर्वेशन भी करा रखा था। लेकिन इससे पहले ही हादसे में उसकी मौत हो गई। गुरुवार को हमीदिया मर्चुरी में बड़ी संख्या में उसके कॉलेज के छात्र-छात्राएं पहुंचे। दोस्तों ने बताया कि अंकिता पढऩे में होनहार थी।

भोपाल पहुंचे परिजन: मां बिलखती रही अब कौन आएगा घर...
गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे अंकिता के पिता अनिल गुप्ता और मां शशि भोपाल पहुंचे। मर्चुरी में बेटी का शव देख मां शशि बेसुध हो गईं। होश आने पर वह यही कहकर बिलखती रहीं कि बेटी चली गई, अब घर कौन आएगा...। कल ही दोपहर में मेरी बेटी घर आने को बोल रही थी। पिता अनिल भी फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि बेटी का फोन-पर्स गायब है। वह रात में फोन लगा रहे थे, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।

सहेली से आखिरी बात: मैं जल्दी आती हूं, पानी गर्म रखना
रात करीब नौ बजे अंकिता ने हॉस्टल में रहने वाली अपनी सहेली अंशिका को फोन कर कहा था कि वह जल्द ही हॉस्टल पहुंच रही है। उसने अंशिका से पानी गर्म कर रखने के लिए कहा था। इसके थोड़ी देर बाद सहेलियों को उसकी मौत की खबर मिली।

हादसों का मोड़

पिछले तीन साल में करीब 15 हादसे इस मोड़ के पास हो चुके हैं। लेकिन, ट्रैफिक, नगर निगम का इस पर कोई ध्यान नहीं है। रात में अधिकतर हादसे हुए। इसकी वजह यह बताई जा रही कि मोड़ के पास सड़क पर कोई ब्रेकर नहीं है। ऐसे में तेज रफ्तार में वाहन टर्न करते हैं।

हादसे की ये वजह आ रही सामने
तेज रफ्तार: कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुलिस अनुमान लगा रही कि कार की रफ्तार 80-100 किमी प्रति घंटे से अधिक रही होगी। तेज रफ्तार की वजह से कार मोड़ में टर्न नहीं हो सकी और वह सीधे सड़क के नीचे उतर गई।
हाईबीम लाइट: पुलिस यह भी मान रही सामने से कोई हैवी व्हीकल की हाईबीम लाइट कार चालक की आंख में लगी होगी। जिससे उसे आगे का रास्ता नहीं दिखा। हालांकि, चालक ने अपने परिजनों को अचानक मवेशी आने की बात बताई है।