ओबीसी आरक्षण पर बवाल : कांग्रेस विरोध में, भाजपा ने किया दावा- आरक्षण हम ही दिलाएंगे

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- मंत्री भूपेंद्र का बयान कि आरक्षण के हर संभव प्रयास किए जा रहे
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Jitendra Chourasiya, भोपाल। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर प्रदेश में सियासी बवाल शुरू हो गया है। नौकरी की भर्ती में 14 फीसदी ही आरक्षण रखने के फैसले पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरना शुरू किया, तो भाजपा में सत्ता-संगठन ने मिलकर इस पर जवाब देना शुरू किया है। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि प्रदेश में ओबीसी आरक्षण भाजपा ही दिलाएगी। कांग्रेस ने ओबीसी के नाम पर हमेशा सियासत ही की है। यदि जवाहरलाल नेहरू ने 1955 में जातिगत आधार पर जनसंख्या का काम नहीं रोका होता, तो तब ही ओबीसी आरक्षण हो जाता। लेकिन, कांग्रेस ने ओबीसी के साथ हमेशा सियासत की। भाजपा ओबीसी वर्ग के साथ है। कोर्ट में ओबीसी आरक्षण के लिए यथासंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार कोर्ट में मजबूती से इसके लिए पक्ष रखेगी।
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बड़ा बयान : गिर सकती हैं कांग्रेस सरकारें....
नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को कांग्रेस सरकारो को लेकर बड़ा बयान दिया। मीडिया से बातचीत में भूपेंद्र ने किया कि छत्तीसगढ़, पंजाब और राजस्थान में कांग्रेस आपसी झगड़ों की शिकार है। इससे ये तीनों कांग्रेस सरकारें कभी भी गिर सकती है। हमेशा कांग्रेस के कारण ही ऐसा होता है और दोष भाजपा को दिया जाता है। राजस्थान में कांग्रेस की आपसी गुटबाजी किससे छिपी है। वे आपस में ही उलझे हुए हैं।
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निकाय चुनाव अभी टले, 6 महीने बाद होंगे
प्रदेश में नगरीय निका चुनाव की अटकलों पर सरकार ने विराम लगा दिया है। बुधवार को सरकार ने साफ कर दिया कि अभी छह महीनों तक निकाय चुनाव संभव नहीं। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कानूनी विषयों और कोरोना के चलते अभी छह महीने निकाय चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी कोरोना का हवाला देकर न्यायालय को अभी चुनाव कराने में असमर्थता जताई है। मीडिया से बातचीत में सिंह ने कहा कि अभी कोरोना प्रदेश से गया नहीं है। इस कारण अभी चुनाव कराने की स्थिति नहीं है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने भी निकाय चुनाव को लेकर वार्ड आरक्षण का मामला भी सुप्रीमकोर्ट में है। इसका भी हवाला सिंह ने देकर कहा कि कोर्ट में मामला है। इसलिए अभी कई कानूनी पेचीदगियां हैं। इन सब पर विचार के बाद ही निकाय चुनाव पर कोई फैसला होगा। इसलिए अभी छह महीने चुनाव संभव नहीं।
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जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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