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अब दूध से जुड़ी कोई शिकायत हो तो इस हेल्पलाइन पर डायन करें, शिकायत होगी दूर

दुग्धसंघ के दूध व दुग्ध उत्पादों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए अब हेल्पलाइन की मदद भी मिलेगी। गुरुवार को ही दुग्धसंघ करे लेकर हेल्पलाइन जारी की गई। इसे दुग्ध उत्पादकों के साथ उपभोक्ताओं को भी मदद मिलेगी।

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दुग्धसंघ के दूध व दुग्ध उत्पादों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए अब हेल्पलाइन की मदद भी मिलेगी। गुरुवार को ही दुग्धसंघ करे लेकर हेल्पलाइन जारी की गई। इसे दुग्ध उत्पादकों के साथ उपभोक्ताओं को भी मदद मिलेगी।


दुग्धसंघ: सांची मिल्क हेल्पलाइन दूर करेगी शिकायत

भोपाल. दुग्धसंघों से जुड़े दुग्ध उत्पादक किसानों व उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने एकीकृत कॉल सेंटर सांची मिल्क हेल्पलाइन 0755-4355800 का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। एमपीसीडीएफ के प्राधिकृत अधिकारी व अपर मुख्य सचिव पशुपालन एवं डेयरी विभाग जेएस कंसोटिया ने इसका शुभारंभ किया। यह हेल्पलाइन सुबह छह बजे से रात दस बजे तक दो पाली में काम करेगी। शिकायत निवारण कार्य के पर्यवेक्षण के लिए दुग्धसंघ स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। हेल्पलाइन के माध्यम से उपभोक्ताओं को दूध तथा दुग्ध उत्पाद की उपलब्धता, गुणवत्ता तथा पार्लर संबंधी समस्याओं का निराकरण होगा। इसी तरह दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों केभ्भुगतान, संकलन के दौरान फैट/एसएनएफ अंकन में गलती, दूध की दर, घी- पशु आहार की उपलब्धता, प्रशिक्षण संबंधी तथा समितियों की दूध बिल भुगतान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के रखरखाव, टैंकर संचालन, संकलन वाहन, बल्क मिल्क, कूलर रखरखाव से जुड़ी समस्याओं का यहां से निदान हो पाएगा।

दूध की जांच में सामने आया था तथ्य
- भोपाल में दूध की जांच का नि:शुल्क अभियान सांच को आंच क्या, खुद परखो-खुद जानो में खुले दूध में मिलावट की पुष्टि हुई थी। पैक्ड और खुले दूध की जांच करवाई गई थी। लिए गए सैंपलों में से ब्रांड के पैक्ड दूध में कोई मिलावट नहीं मिली, जबकि खुला दूध पानी मिला पाया गया। राजधानी में हर रोज करीब 12 लाख लीटर दूध की खपत होती है। इनमें 3.5 लाख लीटर पैक्ड दूध बिकता है, जबकि 8 से 10 लाख लीटर दूध खुला होता है। पैक्ड दूध में सांची की सबसे ज्यादा खपत है। ढाई लाख लीटर से ज्यादा दूध की रोज की खपत होती है। दुग्ध संघ के जांच अभियान में पैक्ड दूध में तो खामियां सामने नहीं आई हैं, लेकिन खुले दूध में पानी मिला पाया गया है। आकृति ईको सिटी और बावडिय़ाकलां से दूध के 54 सैंपल की जांच की गई थी। इसमें किसी भी ब्रांड के पैक्ड बंद दूध में कोई मिलावट नहीं पाई गई।