- अब दुनिया में सनातन संस्कृति, हिन्दू धर्म का उत्थान होना है: भागवत- विश्व संघ प्रशिक्षण वर्ग का समापन पर भानपुर में सरसंघचालक का उद्बोधन
भोपाल। भोपाल में पाचों उपमहाद्वीपों से स्वयंसेवक और सेविका प्रशिक्षण लेने आए हैं। ये विशिष्ट बात है कि एक छोटा सा संघ... कैसे उसका आज विश्वव्यापी स्वरूप स्थापित हो रहा है। विदेश में पले-बढ़े लोग अपनी जड़ों से जुड़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति, हिन्दू धर्म और सनातन को अपने-अपने देशों में स्फुरित कर रहे हैं। ये बातें संघ प्रमुख मोहनराव भागवत ने भानपुर स्थित मॉल में विश्व संघ प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में कहीं।
सरसंघचालक भागवत ने कहा, कैरीबियाई देश में एक बंधु गीत की रचना की गई। उसमें अपनी संस्कृति से जुड़ाव का भाव था। मूल स्वर यह था कि हे, भारतीय मूल के लोगो आप स्वभूमि से दूर रहने का दुख मत करो। स्मृतियां पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनाकर दुनिया को देने का अपना लक्ष्य बनाओ। ये हमारे देश का मूल चरित्र है। अब दुनिया में सनातन संस्कृति और हिन्दू धर्म का उत्थान होना है। हमारे देश के अस्तित्व का प्रयोजन दुनिया को धर्म देना है।
डिकोड करें:डॉ. गुप्ता
सांची विवि की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, पश्चिम में जो भी अवधारणा गढ़ी जा रही है, वह सही नहीं है। हम सबका दायित्व है कि हमें अपनी संस्कृति, धर्म, सनातन की जड़ों और तमाम विशेषताओं को डिकोड करना होगा।
आह्वान- संघ का काम भारत वर्ष को परम वैभव देगा-
भागवत ने आह्वान किया कि संघ का काम भारत वर्ष को परम वैभव देगा। भारत को विश्व गुरु बनाएगा। प्रवासी भारतीय जो सेवा कार्य कर रहे हैं, वह अद्भुत है। वे वहां भारतीय संस्कृति और सनातक के परिचायक बने हुए हैं। अब समय आ गया है कि विश्व को एक करने का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने कहा, संघ की स्थापना के पांच वर्ष पूर्व नागपुर में कांग्रेस अधिवेशन के व्यवस्था प्रमुख की जिम्मेदारी डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार देख रहे थे। अध्यक्षता महात्मा गांधी कर रहे थे। तब डॉ. हेडगेवार ने दो प्रस्ताव दिए- गोवंश हत्या बंदी और भारत की पूर्ण स्वतंत्रता को कांग्रेस अपना ध्येय घोषित करे। उसी में यह भी घोषित किया जाए कि स्वतंत्र भारत पूंजी के चंगुल से दुनिया के देशों की मुक्तता करेगा। आयोजन में मंच पर राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सहकार्यवाह अलका ताई ईनामदार, कोंकण प्रांत के कार्यवाह डॉ. सतीश उमट, मध्यभारतप्रांत के कार्यवाह अशोक पाण्डेय की उपस्थिति रही।
आयोजन के दौरान अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति सदस्य सुरेश भैयाजी जोशी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भाग्यश्री साठये की भी मौजूदगी रही। शुरुआत एकल गीत हिन्दू एकता भाव जगाकर सृजन मार्ग से बढ़ते जाना... के साथ हुई।