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सीएम रहते उमा भारती को गिरफ्तार करने पहुंची थी ये महिला IPS, अब ट्विटर पर हो रहीं ट्रेंड

सिस्टम से टकराव और कई नेताओं पर एक्शन की वजह से 41 बार हो चुका है इस महिला IPS का ट्रांसफर..

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भोपाल. साल 2004 में पहली बार सीएम उमा भारती को दंगा केस में गिरफ्तार करने पहुंची महिला आईपीएस डी रूपा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार सीनियर IPS डी रूपा जो कि अभी कर्नाटक की प्रमुख सचिव गृह हैं ट्विटर पर तेजी से ट्रेंड कर रही हैं और इसकी वजह है उनका True Indology नामक एक ग्रुप से बहस करना। True Indology ग्रुप को IPS डी रूपा से हुई बहस के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। जिसे लेकर ट्विटर वॉर शुरु हो गया है।

ये है मामला

दरअसल ट्विटर पर सीनियर IPS डी रूपा और ट्विटर पर डी. रूपा और True Indology के बीच दीपावली पर पटाखों पर लगे प्रतिबंध को लेकर बहस शुरु हो गई। दोनों ही तरफ से वार-पलटवार हुए और इसके बाद True Indology ग्रुप के ट्विटर अकाउंट को ट्विटर ने सस्पेंड कर दिया। जिसे लेकर बहस शुरु हो गई है और कई बड़ी हस्तियां True Indology ग्रुप के सपोर्ट में उतरती नजर आ रही हैं।

IPS डी रूपा ने ट्विटर पर क्या लिखा ?

डी रूपा ने ट्विट कर लिखा, 'किसी काल्पनिक उत्पीड़न पर पीड़ित बनने का नाटक करना। बिना किसी नाम या चेहरे के गाली-गलौच करना काम है। चोरी ऊपर से सीना जोरी, वाह। फैक्ट्स के साथ बातें रखने वाले कई लोगों को तुम्हारे फॉलोअर ट्रोल करते हैं। अब तुम्हारा समय खत्म हुआ।' उनके इसी ट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर वायरल हो रहा है। कुछ यूजर्स तो यहां तक आरोप लगा रहे हैं कि डी रूपा ने अपने पॉवर का इस्तेमाल करते हुए True Indology ग्रुप के अकाउंट को सस्पेंड कराया है। वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत और बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी True Indology ग्रुप का अकाउंड सस्पेंड होने पर सवाल उठाए हैं।

41 बार हो चुका है IPS डी रूपा का ट्रांसफर

2000 बैच की आईपीएस अधिकारी डी रूपा की छवि निडर और बेबाक अधिकारी के रुप में हैं। 20 साल के करियर में अभी तक कई नेताओं के खिलाफ एक्शन और सिस्टम से टकराव के कारण डी रूपा का अब तक 41 बार ट्रांसफर भी हो चुका है । बता दें कि तीन महीने पहले ही अगस्त के महीने में IPS डी. रूपा को बेंगलुरु आईजी पुलिस से प्रमुख सचिव गृह बनाया गया था। साल 2004 में जब बीजेपी की फायर ब्रांड नेता मानी जाने वाली उमा भारती मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री थीं तब IPS डी रूपा उस वक्त सुर्खियों में आई थीं जब वो एक पुराने दंगा केस में सीएम उमा भारती को गिरफ्तार करने के लिए पहुंच गई थीं।