
भोपाल। मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को मंत्रालय में हुई, जिसमें अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। मख्यमंत्री अन्नदूत योजना को भी मंजूरी मिली है। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने मीडिया को दी।
मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना से 888 युवाओं को फायदा होगा। इसके साथ ही राशन दुकानों के कमिशन में भी बढ़ोत्तरी की गई है। सरकार ने इसे 70 से बढ़ाकर 90 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है।
यहां देखें विस्तार से
इसके अलावा कैबिनेट ने नरवई को रोजगार से भी जोड़ने की योजना को मंजूरी दी है। फसल कटने के बाद अवशेष (नरवाई) को जलाने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सरकार किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर 50 फीसदी तक अनुदान देगी। लघु, सीमांत, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों को यंत्र की कीमत का 50 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा। अन्य श्रेणी के किसानों को 40 फीसदी अनुदान दिआ जाएगा।
मिश्रा ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से प्रस्तावित योजना पर अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया। प्रदेश में गेहूं, धान, सोयाबीन, चना समेत अन्य फसलों की कटाई हार्वेस्टर से होने के कारण खेत में नरवाई (पराली) छूट जाती है। किसान इसे साफ कराने के लिए अलग से मजदूर लगाने का व्यय बचाने के लिए आग लगा देते हैं। इससे प्रदूषण तो फैलता ही है, भूमि के पोषक तत्व भी प्रभावित होते हैं। इसका असर भूमि की उत्पादन क्षमता पर भी पड़ता है।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आगे बताया कि प्रदेश सरकार उचित मूल्य की राशन दुकानों के जरिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न वितरित कराती है। नगरीय क्षेत्र की दुकानों को खाद्यान्न वितरण के लिए कमीशन प्रति क्विंटल 70 प्रतित की जगह अब 90 रुपए दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र की उचित मूल्य की दुकानों को 200 से अधिक पात्र परिवार और पूर्णकालिक विक्रेता होने पर कमीशन 10500 रुपए दिया जाएगा।
Updated on:
09 Nov 2022 06:23 pm
Published on:
09 Nov 2022 06:22 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
