
भोपाल। मुंगावली में चुनाव नहीं जीत पाने की कसक है, क्योंकि हम जीतने के लिए लड़े थे। जैसा कि पहले से ये कहा जा रहा था कि इन दोनों विधानसभा सीटों पर लड़ाई कठिन है। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने जन्मदिन के एक दिन पहले आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही। उन्होंने उपचुनाव की हार के संदर्भ में कहा कि हमने 2013 के चुनाव और अब हुए उपचुनाव में हार के अंतर को काफी कम किया है हमारा वोट प्रतिशत भी बढ़ा है।
बड़ा गैप था फिर भी अंतर पाटा
यह बात रविवार को मुख्यंमत्री शिवराज ने अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।सीएम शिवराज ने कहा कि हार का बड़ा कारण पहले से बड़ा गैप था, कांग्रेस ने भाजपा का ही वोट बांट लिया। बीजेपी ने 48 हजार के वोटों के अंतर को 2100 तक ला दिया है। मुंगावली और कोलारस में थोड़ी कसर रह गई थी, लेकिन इस बार कसर नहीं छोड़ेंगे। 2018 का चुनाव जीतेंगे और मध्यप्रदेश में फिर भाजपा सरकार बनाएगी। 2018 में शानदार बहुमत के साथ बीजेपी जीतेगी। उन्होंने कहाकि लड़ाई मेरी और सिंधिया की नहीं है, बल्कि लडृाई विचारधारा की है बता दें कि दोनों उपचुनावों में मिली हार पर भाजपा और संघ के वरिष्ठ नेताओं की आलोचना भी सुनने को मिल रही थीं।
पूर्वोत्तर की जीत की खुशी
पूर्वोत्तर मे मिली जीत को लेकर सीएम शिवराज ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस को त्रिपुरा और नागालैंड में एक भी सीट नही मिली है। 20 सीटे अनुसूचित जाति की थी और सभी रिजर्व सीटों पर बीजेपी की जीत हुई है। हमें गर्व है। पूर्वोत्तर में भाजपा की जीत ऐतिहासिक जीत है ।
हार को लेकर मंथन की जरूरत
कोलारस-मुंगावली उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद पार्टी के ही नेता संगठन को कटघरे में खड़ा करने लगे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा का कहना है कि दोनों जगहों पर पार्टी ने सही उम्मीदवारों का चयन नहीं किया, जिससे हार का मुंह देखना पड़ा। भोपाल में मीडिया से चर्चा में शर्मा ने कहा, यह पार्टी नहीं व्यक्ति की हार है। उन्होंने कहा कि ये दोनों उपचुनाव जीतना कांग्रेस के बूते की बात नहीं थी, चूक तो हमसे ही हुई है। 2018 में भाजपा को प्रत्याशी चयन में सावधानी बरतनी पड़ेगी। शर्मा ने कहा, यह प्रदेश में पार्टी के लिए चिंतन और मंथन का समय है।
Published on:
04 Mar 2018 09:53 pm
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