Videos: सावन के किसी एक सोमवार को यहां शिवलिंग पर जरूर आते हैं नागदेव, भगवान शिव के साथ नागदेवों ये 3 वीडियो देखकर आप भी चौंक जाएंगे

पूजा के दौरान शिवलिंग से चिपके हुए नाग भक्तों के लिए बनते हैं कौतुहल का विषय,मध्यप्रदेश के कई जिलों में होती हैं ऐसी घटनाएं।

By: दीपेश तिवारी

Updated: 13 Jul 2018, 12:38 PM IST

भोपाल। इस साल यानि 2018 में श्रावण महीने की शुरुआत 27 जुलाई से हो रही है। लेकिन इसे उदया तिथि यानी 28 जुलाई से मानी जाएगी। वहीं 26 अगस्त को श्रावण मास का आखिरी दिन होगा। इस साल का सावन का महीना बहुत खास रहने वाला है क्योंकि 19 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बना है। पंडित सुनील शर्मा ने बताया कि विशेष बात यह है कि श्रावण मास में इस बार सावन का महीना 28 या 29 दिनों का नहीं रहेगा बल्कि पूरे 30 दिनों तक चलेगा। ऐसा संयोग 19 साल बाद बन रहा है। दरअसल इस बार का सावन 30 दिनों का होने के पीछे अधिकमास पड़ने के कारण हुआ है। 28 जुलाई को सावन का पहला दिन होगा जो कि 26 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा। वहीं इस सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को पड़ेगा।
 
 

ये तो आप जानते ही हैं कि भगवान शिव ने अपने गले में जहरीला नाग धारण कर रखा है। यदि ऐसा ही नाग किसी मंदिर में आ जाए और शिवलिंग से लिपट जाए तो श्रद्धालुओं का तांता लगना स्वाभाविक ही है।
इतना ही नहीं कभी-कभी कुछ जगह तो भगवान के रुद्रभिषेक के दौरान भी सर्प शिंवलिंग से लिपटे रहते हैं, भले ही वे लोगों को हानि न पहुंचाएं लेकिन हमेशा ही लोगों के लिए कौतुहल का विषय जरूर बने रहते हैं।

 

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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पर बने एक शिव मंदिर में जहां हर सावन के किसी एक सोमवार को नाग जरूर आता है, वहीं बालाघाट की वारासिवनी जेल के अंदर बने एक मंदिर में भी हर शिवरात्रि को एक नाग अवश्य आता है। वहीं इसके अलावा भी कुछ ऐसी जगह हैं जहां शिवलिंग पर हमेशा नाग आता ही है।

दरअसल भोपाल के हबीबगंज रेलवे परिसर में बने एक शिवमंदिर में हर सावन मास में एक नाग हर बार आकर लोगों के कौतुहल का विषय बनता है। इस दौरान स्टेशन स्थित शिव मंदिर में यह नजारा देखने वालों की भीड़ लग जाती है। जानकारी के अनुसार हर सावन मास के किसी एक सोमवार को एक बड़ा नाग अपना फन फैलाए फुफकारते हुए मंदिर में जा घुसा आता है और उसके बाद वह शिवलिंग के पास जाकर बैठ गया। वह किसी को भी अपने नजदीक नहीं आने देता। जो भी उसके पास जाता है उसे वह फुफकार कर दूर जाने को कह देता है।



हबीबगंज रेलवे स्टेशन स्थित भवानी मंदिर में है यह शिव मंदिर। यहां के पुजारी पं. जगदीश शर्मा के मुताबिक मंदिर में यह नाग अचानक आ गया। उस समय मंदिर में कोई नहीं था। वह शिवलिंग तक पहुंच गया और लिपट गया।
इसके अतिरिक्त आज कल एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है, जिसमें रुद्रभिषेक के दौरान एक सर्प शिवलिंग को लपेटे बैठा है, जबकि लोग आसानी से रुद्रभिषेक कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त एक अन्य वीडियो जो वायरल हो रहा है उसमें एक सफेद रंग के शिवलिंग पर एक लंबा सा सर्प शिवलिंग को अपने शरीर से लपेटाकर बैठा हुआ है। वहीं शिवलिंग के पास ही भक्त भगवान शिव व नागदेव के जयकारे लगा रहे हैं। यह बैठा सर्प इन आवाजों से जरा भी भय नहीं खा रहा है। भक्त यहां शिवलिंग पर दूध चढा रहे हैं, जो नागदेवता तक भी आ रहा है।

जानकारों के अनुसार पौराणिक मान्यताओं में भगवान शंकर और सर्प का जुड़ाव गहरा है तभी तो वह उनके शरीर से लिपटे रहते है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह बात सिर्फ मान्यताओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह इस कलियुग में भी हकीकत में परिलक्षित होती दिखती है।
यूं तो भगवान जनता जनार्दन के लिए अपनी कृपा बरसाने में अति दयालु है लेकिन कहते हैं कि अगर आपको भगवान शंकर के साथ सर्प के दर्शन हो जाएं तो समझिए कि साक्षात भगवान शंकर के ही दर्शन हो गए। और चुकिं मान्यता है कि भगवान शिव के गले में हमेशा सर्प रहते हैं, अत: शिवलिंग जो भगवान शिव का ही प्रतीक है अत: उस पर भी सर्प आ जाते हैं।

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दीपेश तिवारी
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