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मंत्री समर्थक हत्याकांड : मुख्य गवाहों को झूठे केस में फंसाने शूटर बंटी के गुर्गे ने अपने दोस्त को मारी थी गोली

निशातपुरा पुलिस ने बंटी के साथी हेमू को किया गिरफ्तार... दतिया में 13 मार्च को अपने ही साथी को मारी थी गोली

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भोपाल। बजरिया इलाके में सालभर पहले हुए मंत्री समर्थक अमित, मनोज हत्याकांड के मुख्य आरोपी बंटी साहू के गुर्गे हेमू उर्फ हेमन्त तिवारी को निशातपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दावा किया कि हेमू ने मंत्री समर्थक हत्याकांड के मुख्य गवाहों को झूठे केस में फंसाने के लिए अपने साथी रोहित मेहर को 13 मार्च को दतिया में गोली मारकर लहूलुहान कर दिया था।

इसके बाद से वह फरार था। साथी को गोली मारने के पीछे हेमू की साजिश गवाहों पर झूठा केस दर्ज करा जेल में बंद अपने साथी बंटी को फायदा पहुंचाना था। पुुलिस ने हेमू को देवकी नगर इलाके से गिरफ्तार किया है। वह दिल्ली भागने की फिराक में था। उसपर 18 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस फरारी के दौरान हेमू को पनाह देने वाले अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

रतनगढ़ माता के दर्शन करने के बहाने दतिया पहुंचा

13 मार्च को दतिया पुलिस से भोपाल निवासी रोहित मेहर ने शिकायत की थी कि वह दोस्तों के साथ रतनगढ़ मंदिर दर्शन करने आया था। जहां, रतनगढ़ तिराहा के पास उसके दोस्तों ने शराब के लिए पैसे नहीं देने पर पहले गोली मारी इसके बाद बेट पर छूरा घोंप दिया। इसके बाद आरोपी सड़क पर उसे लहुलुहान हालत में छोड़कर भाग गए। रोहित की बताई कहानी दतिया पुलिस के गले नहीं उतरी। पुलिस ने जब रोहित से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि हेमन्त तिवारी ने मंत्री समर्थकों के गवाह दिनेश कुशवाहा, मोहित मीणा, शेरू विश्वकर्मा को झूठे केस में फंसाने के लिए उसे गोली मार थी।

तीन लाख रुपए में हुआ सौदा

रोहित मेहर को इस काम के लिए हेमू ने तीन लाख रुपए देने का वादा किया था। साजिश के तहत दोनों दतिया पहुंचे। वहां एक महिला बाजी समेत चार अन्य लोगों को शामिल किया। इसके बाद रोहित मेहर को हेमू ने गोली मारकर घायल कर दिया। जैसे ही रोहित घायल हुआ मौके से हेमू फरार हो गया।

धार्मिक स्थलों में काटी फरारी

एसपी अजय सिंह ने बताया कि हेमू तिवारी के खिलाफ 15 से अधिक संगीन अपराध हैं। वह बंटी साहू का खास गुर्गा है। दोहरे हत्याकांड के दौरान हेमू भोपाल जेल में था। इसके बाद जेल से रिहा होने के बाद लूट समेत अन्य वारदातों में वह फरार हो गया। वह देशभर के अलग-अलग शहरों के धार्मिक स्थलों में फरारी काटता रहा। खर्च चलाने होटलों में नौकरी भी की।

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