
भोपाल। शहीद भवन में नवांकुर नाट्य संस्था के दो दिवसीय नवांकुर नाट्य समारोह के पहले दिन नाटक 'ऑल माय संस' का मंचन हुआ। इसका निर्देशन सौरभ लोभी ने किया है। डायरेक्टर ने बताया कि इसे तैयार करते समय करीब छह बार ऐसा हुआ कि नाटक को कुछ साथियों ने बीच में ही छोड़ दिया। फिर भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और फिर टीम बनाई और रिहर्सल शुरू की। कोविड एक ऐसा दौर था जहां हर तरफ लोग परेशानियों से जूझ रहे थे, लेकिन इस बीच भी कुछ ऐसे लोग भी थे जो मुनाफाखोरी में लगे रहे। उन्हें किसी के दुख, किसी की मौत से कोई सरोकार नहीं था। उन्होंने अपने निजी स्वार्थ के लिए ऑक्सीजन और दवाइयों का भंडार किया और कई लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया। वैसे यह नाटक दूसरे विश्व युद्ध पर आधारित है, लेकिन मैंने इससे दिखाया है कि मनुष्य का लालच और लालसा आज भी वैसे ही है, जैसे सदियों पहले थी। वह हर आपदा में अपने लिए पैसा कमाने का अवसर खोज लेता है, फिर चाहे किसी की जान ही क्यों ना चली जाए।
सीताराम को चोरी के आरोप में हो जाती है जेल
नाटक की शुरुआत दिखाया गया कि जमुना प्रसाद और सीताराम लड़ाकू विमानों के सिलेंडर बेचने का व्यवसाय करते हैं। युद्ध के दौरान वे एक मुनाफाखोर थे। सीताराम को खराब सिलेंडर बेचने का दोषी पाया गया, जिसके कारण 21 पायलटों की मौत हो गई थी। इस घटना के कई साल बाद जमुना प्रसाद अपनी पत्नी कमला के साथ रहने लगता है। उसके दोनों बेटे सेना में थे। बड़ा बेटा प्रदीप अब रिटायर हो गया है और छोटा बेटा शरद युद्ध के बाद लापता है, जिसके कारण कमला पूरी तरह टूट जाती है।
जमुना प्रसाद कर लेता है खुदकुशी
नाटक में दिखाया गया कि अनुराधा का भाई कल्याण शादी के खिलाफ है क्योंकि वह नहीं चाहता कि उसकी बहन की शादी ऐसे घर में हो, जिसकी दीवारें खून से रंगी हैं। जमुना प्रसाद के कहने पर ही सीताराम ने सिलेंडर सप्लाई किए थे। यह सुन प्रदीप को गहरा सदमा पहुंचता है। प्रदीप उन सैनिकों के सम्मान की बात करता है जो देश के लिए शहीद हो जाते हैं और घर छोड़कर चला जाता है। उसी रात अनुराधा, प्रदीप की मां कमला से अपनी और प्रदीप की शादी की बात करती है, पर कमला उसे मना कर देती है। अंत में दिखाया कि जमुना प्रसाद, प्रदीप को बताता है उसने जो कुछ किया है, उसके लिए वह सजा का हकदार है। वह खुद को गोली मार लेता है।
Published on:
15 Apr 2022 10:01 pm

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
