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Budget 2026-27: बजट को लेकर सामने आई बड़ी जानकारी, इस चार क्षेत्रों पर होगा फोकस

MP Budget 2026-27: मोहन सरकार अपना तीसरा और सबसे बड़ा बजट पेश करने के लिए तैयार है। 4.63 लाख करोड़ का रिकॉर्ड-तोड़ ई-बजट तैयार किया गया है, जो पिछली बार से 10% ज्यादा है। इन चार क्षेत्रों पर रहेगा फोकस ….

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भोपाल

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Akash Dewani

Jan 31, 2026

mp budget 2026-27 mohan government will present 4 lakh 63 thousand crore budget

mp budget 2026-27 (Patrika.com)

Budget 2026-27 News: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। यह मोहन सरकार का तीसरा बजट होगा। सूत्रों के अनुसार, मप्र सरकार इस बार का बजट साइज बढ़ाकर 4.63 लाख करोड़ तक कर सकती है। यह पिछले साल के 4.21 करोड़ से लगभग 10% अधिक है। हालांकि देश के आम बजट के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। 2026 को सरकार ने कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है।

एमपी के बजट (MP Budget 2026-27) में भी सबसे ज्यादा फोकस कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्र जैसे खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, सहकारिता, मत्स्य विकास आदि पर रहेगा। इन क्षेत्रों के लिए बजट प्रावधान में पिछले बजट में 50% तक की बढ़ोतरी हुई थी लेकिन इस बार सौ फीसदी तक होने की संभावना है। (MP News)

इन चार क्षेत्रों पर होगा फोकस

इसके साथ सरकार बजट (MP Budget 2026-27) में प्रदेश के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना, जैविक खेती को बढ़ावा देने की नई योजनाएं घोषित कर सकती है। सरकार का उद्योग एवं रोजगार, अधोसंरचना विकास और मेट्रोपोलिटन रीजन पर भी फोकस रहेगा। प्रदेश में पहली बार पूरी तरह ई-बजट पेश होगा। विधानसभा में भी वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा टैबलेट से ही बजट भाषण पढ़ेंगे। इसके साथ आगामी तीन साल का रोडमैप बताने वाला रोलिंग बजट भी बनाया जा रहा है। हालांकि इसे पटल पर नहीं रखा जाएगा।

वित्त को मिले 900 सुझावों पर भी मंथन

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के निर्देशानुसार वित्त विभाग इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। बजट के लिए सरकार ने राजधानी में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए हैं। इसके साथ ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से भी लगभग 900 सुझाव विभाग को मिले हैं। इन पर भी विचार हो रहा है। वहीं पहली बार इस बजट में वित्त विभाग आगामी तीन साल के लिए रोलिंग बजट बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सभी विभागों के साथ बैठकें पूरी कर ली गई हैं। रोलिंग बजट में योजनाओं के लिए राशि की कमी नहीं होती और न राशि लेप्स होने की स्थिति बनती है। बजट में अपव्यय पर भी रोक लगती है।

बजट में इन पर फोकस का अनुमान

  • कृषि और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के साथ जिलों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट और फूड पार्क की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सरकार विशेष छूट और सब्सिडी का प्रावधान भी कर सकती है।
  • सोयाबीन के साथ अन्य नकदी फसलों पर भी भावांतर की घोषणा।
  • जैविक खेती करने वाले किसानों को शुरूआती क्षतिपूर्ति के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा सकती है।
  • जैविक उत्पादों के लिए विशेष मंडियां विकसित करने की घोषणा।
  • सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए बड़ी परियोजनाओं की भी घोषणा।
  • सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना की भी तैयारी है। इसमें सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारियों के लिए 35 लाख रुपए तक का बीमा कवर।
  • रोजगार को बढ़ोने युवाओं के प्रशिक्षण और भर्ती की नई योजनाएं।
  • शिक्षा में सुधार के लिए नए सांदीपनि विद्यालय घोषित होंगे।
  • स्वास्थ्य में विस्तार के लिए सुपरस्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार।
  • सुगम परिवहन सेवा शुरू करने के लिए अलग से बजट।
  • भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन रीजन के तौर पर विकसित करने के लिए 300 करोड़ से अधिक बजट मिलने की संभावना। (MP News)

प्रमुख क्षेत्रों के लिए मिली थी इतनी राशि

  • कृषि- 39207 करोड़
  • स्वास्थ्य एवं महिला-50,333 करोड़
  • बाल विकास एवं शिक्षा- 44,826 करोड़
  • अधोसंरचना निर्माण- 70,515 करोड़
  • नगरीय एवं ग्रामीण विकास- 51,074 करोड़
  • रोजगार- 4,835 करोड़
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