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कई मामले में कार्रवाई सिर्फ छापे तक सीमित’ : कलेक्टर श्वेता पवार

पत्रिका संवाददाता की फूड एंड ड्रग संयुक्त कलेक्टर श्वेता पवार से विशेष मुलाकात

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shweta

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले कुछ सालों में स्ट्रीट फूड क्वालिटी इतनी गिर गई है लोग या तो घर में खाना पसंद कर रहे हैं या रेस्टोरेंट- होटलों में। आलम ये है की जहां देश के राजधानी भोपाल के स्तर वाले शहरों में स्ट्रीट फूड का ट्रेंड बढ़ा है तो यहां उल्टा कम हो गया है।

लगातार सड़कों पर सेक्रीन मिला हुआ जूस बेचा जा रहा, वहीं खाद्य पदार्थों में कलर के लिए खुले आम आरेंज कलर का उपयोग किया जाता है। मामला ऐसा है की फूड पार्लर में चिकन में, ग्रेवी में, मंचूरियन में सभी में भरपूर मिलावट है। कलर भी ऐसी जिसे खा कर पेट, अल्सर, कैंसर जैसी विभिन्न बीमारियों को दावत दिया जा सकता है।

इस मामले को लेकर पत्रिका संवाददाता फूड एंड ड्रग संयुक्त कलेक्टर श्वेता पवार से विशेष मुलाकात की। जिसमें कलेक्टर श्वेता ने इन सभी विषयों पर खुल कर बात की...

प्रश्न- खाद्य सामग्री में जांच के लिए फूड एंड ड्रग विभाग किस तरह से कार्रवाई करता है।
उत्तर- हमारे यहां आठ लोगों स्टॉफ है, जहां से भी हमें जानकारी प्राप्त होती है, वहां जांच व छापे की कार्रवाई के लिए टीम जाती है। त्योहारों के समय तो यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है।

प्रश्न- सेक्रीन व अन्य मिलावट के पेय पदार्थ में मिलावट को लेकर मीडिया में खबरे थे, आपने कहां तक कार्रवाई की।
उत्तर- इसकी सूचना मिलती ही हमने बैरागढ़ में ही एक दर्जन से अधिक दुकानों पर जांच के साथ कार्रवाई की थी। इसके अलावा भी जांच चल रही है।

प्रश्न- बच्चो के फास्ट फूड में भी गंदे तरीके से, हल्की क्वालिटी उत्पाद को लेकर मामले लगातार सामने आ रहे है।
उत्तर- हॉ. इस तरह के सूचना हमें मिली है, हम जल्द ही बड़ी कार्रवाई उस स्थान पर तो करेंगे, साथ ही अन्य ऐसे उत्पादों की भी जांच की जाएंगी, जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य से खिलबाड़ रहा हो।

प्रश्न- पिछले दिनों नकली घी की बिक्री पर आपकी टीम ने कार्रवाई की,लेकिन दुकानों पर अब भी वह बिक रहा है।
उत्तर- जिन पैकेटों की जांच की गई थी, उसमें साफ तौर पर अखाद्य पदार्थ लिखा हुआ पाया गया। बिना नाम के नकली उत्पादों को स्टिंग व छापे मार कार्रवाई से ही पकड़ा जाता है।

प्रश्न- जिस हिसाब से बाजार में हर वस्तु में मिलावट देखने को मिल रही है, उसके हिसाब से कार्रवाई होती नहीं है, ऐसा क्यों।
उत्तर- कार्रवाई तो निरंतर ही होती है, मीडियां सिर्फ त्योहारों के समय ज्यादा प्रकाश में उसे लाता है। हमारे टीम बराबर बाजार से जांच के सेम्पल लेती है।

प्रश्न- नकली खाद्य सामग्री से लोग कैसे बचे, इसके लिए कोई गाइड लाइन होती है।
उत्तर- पैक उत्पाद व खाद्य सामग्री में तो सारी नियम शर्तो के साथ टेस्टिंग रिपोर्ट का ट्रेडमार्क होता है। खुले सामानों को लेते समय जागरुक रहना चाहिए। सस्ते व हल्की क्वालिटी के उत्पादों को देख-परखकर ही लेना चाहिए।