
भोपाल. बोकारो से चलकर सागर के मकरोनिया स्टेशन पहुंची चार टैंकर वाली ऑक्सीजन एक्सप्रेस एक संदेश पर पांच घंटे में मंडीदीप पहुंची। बुधवार सुबह अरेरा हिल्स स्थित कंट्रोल रूम में शहर के निजी अस्पतालों से सूचना दी गई थी कि उनके पास शाम तक के लिए ही ऑक्सीजन है, जबकि कई मरीज हाई लो ऑक्सीजन पर भर्ती हैं।
इधर, बोकारो से सड़क मार्ग से आने वाले टैंकर में देरी हो रही थी, इसलिए स्टेट लेवल कंट्रोल रूम ने भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश से ये जानकारी साझा की और बोकारो से चले ऑक्सीजन एक्सप्रेस की पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि बोकारो से चलकर एक ऑक्सीजन एक्सप्रेस मकरोनिया स्टेशन पर है और जबलपुर के भेड़ाघाट के लिए रवाना होने वाली है। स्टेट लेवल कंट्रोल रूम की मांग पर भोपाल रेल मंडल ने एक्सप्रेस को इमरजेंसी सिग्नल देकर मंडीदीप स्टेशन के लिए डायवर्ट कराया। लगातार चलते हुए ये ट्रेन 16 टन मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन लेकर 5 घंटे में मंडीदीप पहुंची।
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इसके बाद स्टेट सुपरवाइजर अजीत राय की निगरानी में टैंकर को तत्काल प्लेटफार्म से उतार कर सड़क पर लाया गया और ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 25 मिनट में गोविंदपुरा स्थित आईनॉक्स के प्लांट में खाली किया गया। क्योंकि इस टैंकर को मकरोनिया से वापस बोकारो भेजना था। समय की बचत करने एयरपोर्ट प्रबंधन से बातचीत कर वायु सेना के सी-17 हवाई जहाज से टैंकर को लोड कर तत्काल रवाना किया गया। स्टेट लेवल ऑक्सीजन कंट्रोल रूम से समन्वयक राजकुमार खत्री, सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा कराया।
बोकारो से ऑक्सीजन लेकर पहुंचे दो कंटेनर
मंडीदीप. भोपाल में कोरोना मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए बोकारो से दो ऑक्सीजन कंटेनर गुरुवार रात 11.30 बजे मंडीदीप स्टेशन पहुंचे। यहां नगर निगम भोपाल, रेलवे और आरपीएफ की टीम ने कंटेनरों को उतारकर गोविंदपुरा भेजा। रात 11 बजे दो टैंकर और आए: भोपाल एवं आसपास के जिलों की ऑक्सीजन डिमांड को पूरा करने बोकारो से एक अन्य ऑक्सीजन एक्सप्रेस गुरुवार रात मंडीदीप पहुंची। सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश ने बताया कि देर रात दो और टैंकर भोपाल प्रशासन को सौंपे गए।
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कंट्रोल रूम स्थापित
दिल्ली की तर्ज पर भोपाल में शासन ने राज्य स्तर ऑक्सीजन सप्लाई एवं मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम शुरू किया है। हेल्पलाइन नंबर जारी कर अस्पतालों को मांग के अनुसार ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट से जिम्मेदार नदारद
ऑक्सीजन प्लांट्स पर समन्वय करने और ऑक्सीजन सिलेंडर्स को उचित लोगों के सुपुर्द करने लगाई ड्यूटी से जिम्मेदार गायब हो गए हैं। सिर्फ निगम के इंजीनियर ही यहां हैं। जिला प्रशासन की ओर से पटवारी की ड्यूटी भी लगाई गई है। यहां व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिस का बल भी नियुक्त किया गया है। निगम के इंजीनियर्स भी यहां आठ-आठ घंटे की ड्यूटी में काम कर रहे हैं, लेकिन बीते दो दिन से पुलिस लेकर प्रशासन व आबकारी के कर्मचारी कुछ समय की ड्यूटी देकर नदारद हो रहे हैं। निगम के इंजीनियर जरूर यहां बैठे रहते हैं। ऐसे में ऑक्सीजन सिलेंडर के समन्वय और जरूरतमंद के पास इनके पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। ऑक्सीजन सप्लाई को देख रहे संयुक्त कलेक्टर राजेश गुप्ता का कहना है नगर निगम के दो अतिरिक्त कमिश्नर के साथ उनका अमला, खनिज के अधिकारी, पुलिस सभी लगी है। हम लोग लगातार राउंड लेते हैं। कई दिनों से यही रुटीन है। एक्साइज को अभी दो दिन से ड्यूटी से हटाया है, उनको अलग काम दिया गया है।
Updated on:
07 May 2021 09:38 am
Published on:
07 May 2021 09:38 am
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