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हैदराबाद के श्रीकांत पैदल ही कर रहे देश की यात्रा, मंदिर-पेट्रोल पंप पर टैंट में गुजारते हैं रात

अब तक 10 प्रदेशों की यात्रा कर चुके हैं श्रीकांत, कभी चोर तो कभी पुलिस ने किया परेशान

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जब लिफ्ट नहीं मिलती तो 30 से 40 किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ता है।

भोपाल। अक्सर युवा यात्रा करने के लिए कभी बाइक से तो कभी साइकिल से यात्रा करते हैं, लेकिन ये यात्रा सीमित दूरी की होती है। लेकिन हैदराबाद के 23 वर्षीय श्रीकांत कल्याण पैदल ही भारत भ्रमण यात्रा पर निकल पड़े हैं। वे 10 प्रदेशों की यात्रा कर सोमवार को भोपाल पहुंचे। उनकी ये यात्रा इतनी आसान भी नहीं है, जब लिफ्ट नहीं मिलती तो 30 से 40 किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ता है। रास्ते में वे कभी चोरी का शिकार हुए तो कभी पुलिस ने पूछताछ की। प्रतिदिन उनके घर से 150 रुपए खाने के लिए आते हैं, वे मंदिर-गुरुद्वारा तो कभी पेट्रोल पंप पर टैंट लगाकर रात गुजारते हैं।

खुद को चुनौतियों के लिए किया तैयार
श्रीकांत का कहना है कि मैं यू-ट्यूब पर देखता था कि लोग चुनौतियों का सामना करते हुए भी देश भ्रमण करते हैं। मैंने दो साल पहले योजना बनाई, लेकिन कोरोना के चलते बिजनेस में लॉस हुआ। कोरोना का असर कम होते ही तय किया कि मुझे इस देश को जानना है तो मैं बस की जगह पैदल ही यात्रा करूंगा। इससे नेचर के साथ गांव-शहर की संस्कृति को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। मैंने एक दिसंबर 2021 को यात्रा शुरू की। मैंने हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए खुद को पहले ही तैयार कर लिया था। अभी भोपाल में कलेक्ट्रैट के पास रूकने की जगह मिली है।

लिफ्ट लेकर तो कभी पैदल तय करते हैं सफर
श्रीकांत ने बताया कि मैं लिफ्ट लेकर एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करता हूं। जब लोगों को मेरी इस यात्रा के बारे में पता चलता है तो वे भी मदद करने से पीछे नहीं हटते। अभी मैं गुजरात की यात्रा कर आया हूं। सीहोर के पास रात में पुलिस ने मुझे रोक लिया, लेकिन जब उन्हें मेरी यात्रा का पता चला तो उन्होंने एक आश्रम में ठहरवाया। साथ ही अपना नम्बर भी दिया कि यदि मदद की जरूरत हो तो फोन कर लेना। गोवा से आते हुए महाराष्ट्र बॉर्डर पर मैं एक गांव के नजदीक बने मंदिर में रूका था। यहां चोरी का शिकार हुआ तो ग्रामीण ने मेरी आर्थिक मदद की। रात को जब तक कोई ठहरने की जगह नहीं मिल जाती मैं चलते रहता हूं। अक्सर मंदिर-गुरुद्वारे और पेट्रोल पंप पर सोने की जगह मिल जाती है। अपने साथ लाए टैंट में ही सो जाता हूं। सुबह-5 बजे फिर यात्रा शुरू कर देता हूं। अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप छोड़कर सभी राज्यों की यात्रा करूंगा। इसके बाद पैदल ही नेपाल भी जाऊंगा।

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