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सहस्त्रबुद्धे ही रहेंगे भाजपा प्रदेश प्रभारी

पार्टी नहीं ले सकी बदलने का निर्णय

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Former BJP leader's bail rejected

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भोपाल. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे विधानसभा चुनाव तक मध्यप्रदेश के प्रभारी बनें रहेंगे। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद का अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद से सहस्त्रबुद्धे की सक्रियता प्रदेश में लगभग खत्म हो गई थीं, लेकिन वे जुलाई से एक बार फिर सक्रिय होंगे। उन्हें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के संभागीय दौरों के पहले वहां पहुंचकर संगठन को दुरुस्त करने का काम दिया गया है। शाह अगस्त में प्रदेश के संभागीय दौरे करने वाले हैं। सहस्त्रबुद्धे का प्रदेश दौरा एक जुलाई से शुरू हो रहा है। वे सबसे पहले भोपाल और होशंगाबाद संभाग की बैठकें लेंगे।

रामलाल पहुंचे उज्जैन
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने गुरुवार को उज्जैन संभाग के अलग-अलग जिलों की बैठकें लीं। वे शुक्रवार को इंदौर संभाग की बैठकें लेंगे। कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता और कई जिलों में संगठन की सुस्त चाल के बाद रामलाल ने खुद संभागस्तर पर पहुंचकर बैठकें लेने का सिलसिला शुरू किया है। रामलाल का यह प्रवास भी शाह के संभागीय प्रवास के पहले की तैयारी के रूप में रखा गया है।

खींचतान में टला नए प्रभारी का निर्णय
सूत्रों के अनुसार पार्टी मध्यप्रदेश का प्रभारी बदलना चाहती थी। सहस्त्रबुद्धे ने भी अपनी व्यस्तताओं के चलते असमर्थता जताई थी। भूपेंद्र यादव, ओमप्रकाश माथुर और अनिल जैन के नाम चर्चा में थे। इसमें प्रदेश के नेता भूपेंद्र यादव को प्रभारी बनाना चाहते थे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व इसके लिए राजी नहीं था। चूंकि, सहस्त्रबुद्धे अक्टूबर 2014 से प्रदेश के प्रभारी के रूप में काम कर रहे थे और प्रदेश के स्थानीय समीकरणों पर उनकी पकड़ अच्छी बन गई है। वहीं जानकारों का कहना है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 को ध्यान में रखते हुए कई फेर बदल किए जाएंगे। हर पार्टी जनता का दिल जीतने में जुट गयी है। इसकेे चलते विपक्ष जहां सदन से लेकर जनता तक के मुद्दे को उठा रही वहीं विपक्ष भी उनका हर जवाब देने के लिए पहले से तत्पर दिखायी दे रही है।