
40 साल का हुआ रीजनल पासपोर्ट ऑफिस, म्यूरल पेंटिंग से बयां की कहानी
भोपाल। राजधानी स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गुरुवार को 40 साल का हो गया। इस मौके पर आईएसबीटी स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को म्यूरल पेंटिंग के जरिए अलग अंदाज में सजाया गया है। पासपोर्ट ऑफिस के मेन गेट पर पासपोर्ट से जुड़ी तमाम गतिविधियों को म्यूरल पेंटिंग्स के जरिए बयां किया है।
म्यूरल आर्टिस्ट उदय खरे ने बताया कि वुडन बेस्ड इन तीन म्यूरल पेंटिंग को तैयार करने में करीब एक महीने का वक्त लगा। इसके अलावा कुछ पेंटिंग्स में विभिन्न देशों के प्रमुख मॉन्यूमेंट्स को भी दर्शाया है। यहां आने वाले आवेदकों को ये म्यूरल काफी आकर्षित कर रहे हैं। इससे ऑफिस की सुंदरता भी बढ़ गई है।
33वीं रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर हैं रश्मि बघेल
मप्र के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस की 33वीं रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर रश्मि बघेल ने बताया कि 18 अक्टूबर 1978 को तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने न्यू मार्केट स्थित गंगोत्री परिसर में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय का शुभारंभ किया था।
उस समय यह कार्यालय अविभाजित मध्य प्रदेश की जनता को सुविधाएं देता था। इस कार्यालय के खुलने से पहले आवेदकों को पासपोर्ट बनवाने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जाना पड़ता था। हम चाहते थे कि 40वें स्थापना दिवस पर हम कुछ अलग करें लिहाजा हमनें शहर के कलाकारों के सहयोग से इन म्यूरल पेंटिंग्स को तैयार कराया।
आसान हुआ पासपोर्ट बनवाना
लखनऊ में ऑफिस होने पर आवेदकों को आने-जाने में जहां हजारों रुपए खर्च करने पड़ते थे। वहीं तीन से चार दिन का समय भी लगता था। विदेश मंत्रालय के नियम सरल होने से ग्राहकों को अब अन्य सुविधाएं भी मिलने लगी है।
पहले पासपोर्ट बनवाने में डॉक्यूमेंट्स सब्मिट करने से लेकर वेरिफाई कराने तक आवेदकों को काफी समय लगता था। विदेश मंत्रालय ने आवेदकों की सुविधा के लिए समय-समय पर नियमों में काफी बदलाव किए। अब आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन स्लॉट बुक करने के बाद डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई करा सकता है। महज कुछ दिनों में पासपोर्ट तैयार करा सकता है।
Published on:
19 Oct 2018 08:43 am
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