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आज ही निपटा लें बैंक के काम, विलय के विरोध में बैंककर्मी रहेंगे हड़ताल पर

सोमवार को भी बैंककर्मी शाम को करेंगे सभा

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भोपाल

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Sunil Mishra

Oct 21, 2019

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बैंकों से संबंधित कोई जरूरी काम है तो सोमवार को ही निपटा लें क्योंकि बैंकों के विलय के विरोध में 22 अक्टूबर को राजधानी के बैंककर्मी भी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के कारण सरकारी एवं पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों का कामकाज प्रभावित रहेगा। ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन एवं बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

प्रवक्ता गुणशेखरन ने बताया कि हड़ताल की पूर्व संध्या पर 21 अक्टूबर को शाम 5.45 बजे भोपाल के विभिन्न बैंकों के कर्मचारी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, रीजनल ऑफिस के सामने प्रदर्शन एवं सभा करेंगे। इसके बाद 22 अक्टूबर को भी यहीं पर सुबह साढे दस बजे एकत्रित होकर रैली एवं सभा का आयोजन करेंगे। बैंक कर्मियों की मांग है कि बैंकों के विलय को रोका जाए, जनविरोधी बैंकिंग सुधारों को रोका जाए।

खराब ऋणों की वसूली सुनिश्चित कर ऋण नहीं चुकाने वालों पर दंडात्मक शुल्क लगाने की कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंकों का सरकार केवल चार बैंकों में विलय कर रही है। इससे केवल चार बैंक ही रह जाएंगे अन्य सभी बैंकों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इसका कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे है। क्योंकि इससे बैंकों में कर्मचारियों की संख्या भी घट सकती है।

कमलेश तिवारी हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन

हिन्दू महासभा, ब्राह्मण महासभा, त्रिकाल उत्सव समिति ने रविवार को कमलेश तिवारी की हत्या के विरोध में आरआरएल तिराहे के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय आई टी सेल प्रभारी पी के तिवारी ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। तिवारी देश भक्त थे।

आजम खान द्वारा संघ और भारत माता के बारे में अभद्र टिप्पणी करने पर वह भावुक हो गए थे और गुस्से में विवादित बयान दे दिया था, जिसके कारण उनकी हत्या की गई। ऐसे में संघ और भाजपा को चुप नहीं बैठना चाहिए। दीपेश प्रजापति ने कहा कि उनकी सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही प्रशासन की विफलता है।