
मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर देखने को मिल रहा है उथल-पुथल का दौर।
कमलनाथ के भाजपा में जाने को लेकर जो अटकलें लग रही थीं, क्या उस पर विराम लगने वाला है। क्या कमलनाथ अब भाजपा में नहीं जा जाएंगे। क्या भाजपा भी कमलनाथ को अपनी पार्टी में शामिल कराने को लेकर कतरा रही है। क्या अब कमलनाथ नहीं उनके बेटे भाजपा में जाएंगे। बाकी समर्थकों का क्या होगा। ऐसे कई सवालों को लेकर आज भी सस्पेंस बना हुआ है।
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के कई समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगता नजर आ रहा है। कमलनाथ के बेहद करीबी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पहले इशारा किया था, लेकिन दिल्ली में कमलनाथ से मुलाकात के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि कमलनाथ ने ऐसा कुछ सोचा नहीं हैं। यहां तक कह दिया कि कमलनाथ से जब वे मिलने गए तो वो तो मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर जातीगत समीकरणों को लेकर प्लानिंग कर रहे थे, जिससे ज्यादा से ज्यादा कांग्रेस के सांसद जीतकर आ सके।
क्या भाजपा भी कतराने लगी है?
कमलनाथ को भाजपा में शामिल करने के लिए भाजपा ने भी उत्सुकता नहीं दिखाई है, क्योंकि भाजपा कमलनाथ को लेकर खतरा मोल नहीं लेना चाहती। क्योंकि भाजपा को संदेह है कि यदि कमलनाथ को भाजपा में शामिल होते हैं तो सिख वोट बैंक भाजपा से किनारा कर सकता है। क्योंकि कमलनाथ पर सिख दंगों का आरोप है। इसलिए भाजपा भी इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
तो नकुलनाथ जाएंगे भाजपा में?
सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ यदि भाजपा में नहीं जाते हैं तो उनके बेटे नकुलनाथ उनकी पत्नी प्रिया नाथ के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। क्योंकि लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा से उनकी एक सीट पक्की हो जाएगी। सूत्रों का ऐसा भी मानना है कि यदि कांग्रेस में रहते हुए नकुलनाथ चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इन सब घटनाक्रम के बाद 77 साल के कमलनाथ अब अपने बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भी विचार कर रहे हैं।
क्या बड़ा कदम उठाएंगे कमलनाथ?
कमलनाथ के एक करीबी सूत्र का कहना है कि कमलनाथ अब कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। सूत्र की माने तो कमलनाथ राजनीति से संन्यास की भी घोषणा कर सकते हैं। इसकी एक वजह है कि भाजपा में कमलनाथ को शामिल करने को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है।
बाकी समर्थकों का क्या होगा?
पहले यह कयास लग रहे थे कि कमलनाथ के साथ ही उनके करीब 10 से 15 समर्थक भी भाजपा में जा सकते हैं, लेकिन कमलनाथ यदि नहीं जाते हैं तो यह समर्थक भी नहीं जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक भाजपा में पहले ही कई कांग्रेस नेताओं को शामिल किया जा चुका है, ऐसे में भाजपा में भी अंदरूनी खींचतान बढ़ जाएगी।
क्या आज प्रेस कांफ्रेंस करेंगे कमलनाथ?
जैसा की दो दिन से सूचनाएं आ रही थीं कि कमलनाथ अपने परिवार के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन करने जा सकते हैं। इससे पहले कमलनाथ ने दिल्ली स्थित अपने बंगले पर भी जयश्रीराम लिखा झंडा भी फहराया है। इसे लेकर भी चर्चा का दौर चल रहा है। पहले यह भी चर्चा थी कि कमलनाथ भाजपा ज्वाइन करने के बाद सीधे अयोध्या जाएंगे।
क्यों अलर्ट है आलाकमान?
मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर टूट की खबरों के बीच आलाकमान अलर्ट हो गया है। उसने मध्यप्रदेश के विधायकों का मन टटोलने के लिए प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। भंवर जितेंद्र सिंह मंगलवार को भोपाल आएंगे और वन टू वन कांग्रेस विधायकों से चर्चा करेंगे।
भाजपा नेता क्यों कर रहे हैं विरोध?
इधर, पिछले कुछ दिनों से कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच कई भाजपा नेता विरोध कर रहे हैं। एमपी के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से स्पष्ट कहा था कि मध्यप्रदेश भाजपा में उनके लिए कोई जगह नहीं है। प्रदेश भाजपा में उनके दरवाजे बंद हैं। यदि केंद्रीय नेतृत्व चाहे तो कमलनाथ को पार्टी में शामिल कर सकता है। इससे पहले प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी कमलनाथ को भाजपा में आने का खुला आमंत्रण दिया था।
कांग्रेस में हो रही कमलनाथ की उपेक्षा?
इधर, कमलनाथ के बेहद करीबी पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना ने मीडिया से कहा कि कमलनाथ की उपेक्षा चुनाव के समय से की जा रही है और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पूरा दोष कमलनाथ को दे दिया और कमलनाथजी को हटा दिया गया। कमलनाथ को नकारा कहा गया। कमलनाथजी की उपेक्षा करना सही नहीं है। दीपक सक्सेना ने कहा कि छिंदवाड़ा का विकास रुका हुआ है। छिंदवाड़ा की जनता भी चाहती है कि वे भाजपा में जाएं और क्षेत्र का विकास करें। आज जो देश की समिति बनी है, कमलनाथ को उसमें भी नहीं रखा है। यदि दल बदल का मामला नहीं आया तो ज्यादा से ज्यादा लोग भाजपा में जाएंगे। मैं भी जाऊंगा।
Published on:
19 Feb 2024 10:52 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
