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अफसरों को चार कामों का लक्ष्य तय किया, कलेक्टर बोले…लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी

भोपाल.जिला प्रशासन ने अगले एक माह के लिए जिले से जुड़े विभागों के अफसरों का कार्य एजेंडा तय कर दिया है। जिले में अगले एक माह के दौरान आमजन शिकायतों के निराकरण, जिले में जलसंवद्र्धन के लिए काम, शहर में पार्किंग व हाथ ठेलों को लेकर काम के साथ ही भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल की दिशा […]

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फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका


भोपाल.
जिला प्रशासन ने अगले एक माह के लिए जिले से जुड़े विभागों के अफसरों का कार्य एजेंडा तय कर दिया है। जिले में अगले एक माह के दौरान आमजन शिकायतों के निराकरण, जिले में जलसंवद्र्धन के लिए काम, शहर में पार्किंग व हाथ ठेलों को लेकर काम के साथ ही भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल की दिशा में काम होगा। उन्होंने जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोडऩे पर बल दिया।

ऐसे समझे कलेक्टर के निर्देश और स्थिति

  1. सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा गुणवत्तापूर्ण शीघ्र निराकरण- इसमें भोपाल फिसड्डी है। कलेक्टर इस स्थिति पर नाराज भी हुए। भोपाल में 32 फीसदी ही शिकायतों का संतुष्टि के साथ निराकरण हुआ।
  2. 30 मार्च से प्रारंभ हो रहे जल संवर्धन अभियान- शहर में छोटे-बड़े 19 जलस्त्रोत है। 135 वेटलैंड जिले में चिन्हित है, लेकिन संरक्षण के बड़े कदमों का इंतजार है। कैचमेंट में लगातार अतिक्रमण और जलस्त्रोतों के अंदर तक निर्माण के साथ सीवेज खुले में छोडऩे की स्थिति है।
  3. नगर निगम भोपाल को पार्किंग व्यवस्था एवं हाथ ठेलों को लेकर योजना बनाकर प्रस्तुत करना- स्मार्ट पार्किंग की योजना फेल हो गई। अभी प्रीमियम पार्किंग के नाम पर कई गुना ज्यादा वसूली हो रही। शहर की सडक़ व फुटपाथ हाथ ठेलों से मिनी मार्केट बन गए, जिससे जाम आम हो गया।
  4. भिक्षावृत्ति की विरुद्ध कार्रवाई- करीब एक माह पहले शहर में भिखावृत्ति प्रतिबंधित कर दी है। मामले में अब तक तीन एफआइआर भी हुई, लेकिन सडक़, चौराहों, धार्मिक स्थलों के आसपास भिखारी अब भी सामान्यतौर पर ही है। इनके विस्थापन का लेकर कोई ठोस काम नहीं हुआ।