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650 परिवारों के लिए कॉलोनी में नहीं है डे्रनेज सिस्टम, जर्जर नालियों से गंदे पानी की निकासी

80 एकड़ 6 सेक्टर में फैली पटेल नगर कॉलोनी के रहवासी मूलभूत सुविधाओं को मोहताजराजधानी भोपाल के बीचो-बीच करीब 62 साल पहले बसी पटेल नगर कॉलोनी के प्लॉट, जमीन और मकानों के दाम तो बढ़े पर यहां रहने वाले लोगों की सुविधाएं नहीं बढ़ीं। करीब 80 एकड़ क्षेत्र में छह सेक्टर में फैली यह कॉलोनी अनाथ की तरह है। यहां रहवासियों को न तो कॉलोनाइजर की ओर से सुविधाएं मिल पा रही हैं, न ही नगर निगम से। निगम के सफाई कर्मचारी तक यहां नहीं आते। दशहरा, दीपावली जैसे त्योहारों पर भी साफ-सफाई के लिए खुद करनी या करवानी पड़ती है। निगम के जिम्मेदारों का एक ही जवाब होता है कि आपकी कॉलोनी प्राइवेट है।

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पटेल नगर कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि हम लोग नगर निगम को प्रापर्टी, साफ-सफाई सहित अन्य शुल्क मिलाकर हर साल लाखों रुपए देते हैं, लेकिन बदले में झाडू़ तक नहीं लगती। यहां रह रहे करीब 650 परिवारों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही। यहां डे्रनेज सिस्टम नहीं होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी और सीवेज लोगों के घरों के सामने नालियों में बहता रहता है। करीब 30 साल पुरानी नालियां होने से आए दिन ओवरफ्लो हो जाती हैं। ऐसे में यह पानी और गंदगी सडक़ पर बहने लगती है। इससे मच्छर जनित बीमारियां फैल रही हैं।

स्ट्रीट लाइट नहीं होने से छाया रहता है अंधेरा
रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। यह क्षेत्र पठारी होने से यहां आए दिन जहरीले जीव जंतु और सांप बिच्छू निकलते रहते हैं। इससे लोगों को दुघर्टना की आशंका बनी रहती है। यह कॉलोनी भोपाल सागर हाइवे से लगी होने के कारण दिन भर लोगों की आवाजाही लगी रहती है।

सामुदायिक भवन पार्क के नाम पर खाली जमीन
कॉलोनी में सामुदायिक भवन व पार्क के नाम पर खाली जमीन पड़ी है। वर्ष 1962 में डवलप हुई कॉलोनी के रहवासियों को 61 साल बाद भी पार्क, खेल मैदान, सामुदायिक भवन की सुविधा नहीं मिल पाई। यहां जगह तो है पर स्टेक्चर नहीं है। लोगों द्वारा किए जाने वाले आयोजनों की जगह भेंड़ बकरी और मवेशी चरते हैं। आयोजन करने के लिए दूसरी जगहो ंपर किराए से भवन ग्राउंड लेकर आयोजन करना पड़ता है। वहीं बच्चों को खेलने के लिए ग्राउंड नहीं होने से सडक़ पर खेलना पड़ता है।

मुख्य गेट पर है 10 फीट गहरी, 4 फीट चौड़ी नाली
पटेल नगर बी सेक्टर निवासी भरत मिश्रा ने बताया मुख्य गेट भोपाल सागर रोड किनारे 10 फीट गहरी और 4 फीट चौड़ी नाली है। साफ-सफाई नहीं होने से वर्षों से सीवेज जमा है। नाली खुली होने से रात के अंधेरे में आए दिन लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। लोगों की माने तो दो लोगों की नाली में गिरने से मौत तक हो चुकी है। इसके बाद भी जिम्मेदार नहीं जागे और नाली खुली पड़ी है। रहवासियों ने नाली की साफ-सफाई कराए जाने के साथ ही इसे कवर्ड कराने की मांग की है।

नर्मदा जल के लिए टंकी है, पानी कोकता जा रहा
कॉलोनी के लोगों को नर्मदा जल सप्लाई के लिए टंकी बनाई गई है, लेकिन इसका लाभ रहवासियों को नहीं मिल रहा है। टंकी से कोकता ट्रांसपोर्ट नगर के लिए पानी की सप्लाई की जा रही है। यहां के रहवासियों को 30 साल पुराने ओवरहेड टैंक से पानी की सप्लाई की जा रही है। रहवासियों का कहना है यहां बहने वाला सीवेज और गंदा पानी खाली प्लॉटों में जमा हो रहा है। यह लोगों के बोर में पहुंच रहा है, जिससे लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।

पटेल नगर कॉलोनी में 40 साल पहले बनाई गई, नाली सडक़, पानी सप्लाई के लिए डाली गई पाइप लाइन है। यहां आबदी बढ़ी, क्षेत्र की प्रापर्टी के दाम भी बढ़े, पर यहां रहने वाले लोगों के लिए सुविधाएं आज तक नहीं मिल पाई। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन नालियां चोक होने से घरों के सामने गंदगी जमा हो जाती है। इससे बाहर तो दूर घर के भीतर भी बैठना मुश्किल हो जाता है।
बृजेश सिंह, पटेल नगर डी सेक्टर

कॉलोनी में घरों के सामने गंदा पानी और सीवेज जमा हो रहा है। इससे तरह-तरह की बीमारियां पनप रही हैं। लोग आए दिन बीमार हो रहे हैं। इस संबंध में नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक से शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी आज तक हम लोगों की इस विकराल समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया गया, कॉलोनी में साफ-सफाई नहीं होने से कचरे का ढेर लगा रहता है।
मनीष उपाध्याय, रहवासी, पटेल नगर सी सेक्टर

करीब 80 एकड़ क्षेत्र में 6 सेक्टर में फैली पटेल नगर कॉलोनी में मौजूदा समय में 650 परिवार रह रहे हैं। लेकिन इन्हें न तो पार्क की सुविधा मिल रही है न ही कॉलोनी में सामुदायिक भवन है। इसके लिए खाली पड़ी जमीन पर भेंड़, बकरियां और मवेशी चरते हैं। लोगों को आयोजन करने के लिए दूसरी जगहों पर किराए पर भवन और गार्डन लेना पड़ रहा है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
दिनेश मोर्या, रहवासी, पटेल नगर सी सेक्टर

कॉलोनी डपलप करने वाले कॉलोनाइजर और यहां देखरेख करने वाले मुंशी की मिली भगत से आसपास कॉलोनियों की सीवेज लाइन और सडक़ जोड़ दी गई है। इससे दिन रात कॉलोनी के बीच रहवासी क्षेत्र से ट्रक, डंपर जैसे भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इससे यहां की सडक़ें जर्जर हो चुकी हैं। दिन भर धूल मिट्टी उडऩे से लोगों को एलर्जी दमा जैसी बीमारियां हो रही हैं। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
संजय मिश्रा, रहवासी, पटेल नगर बी सेक्टर

पटेल नगर ई सेक्टर में प्राथमिक विद्यालय के लिए आरक्षित सवा एकड़ जमीन को बेचने के लिए कॉलोनाइजर द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है। इसके लिए दो बार अखबारों में विज्ञापन दिया जा चुका है। रहवसियों द्वारा इसकी आपत्ति दर्ज कराते हुए उपपंजीयक, कलेक्टर, तहसीलदार, नगर निगम में शिकायत के साथ ही कोर्ट में स्टे सूट किया जा चुका है। इसके बाद भी मामले की जांच नहीं की गई।
रमेश तिवारी, रहवासी, पटेल नगर ई सेक्टर

कॉलोनी में बने मकानों के पीछे 12 फीट की जगह पानी ड्रेनेज और सीवेज लाइन के लिए छोड़ी गई थी। वहां आसपास कॉलोनियों के लोगों ने अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर लिफ्ट आदि लगा दिया है। कॉलोनी में पार्क के लिए खाली पड़ी जगह पर कॉलोनाइजर के कर्मचारियों ने अतिक्रमण करवाकर झुग्गी-झोपड़ी बनवा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में कॉलोनी के रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
रामायण सिंह, रहवासी, पटेल नगर एफ सेक्टर