सीवेज निकलने की नहीं है जगह, कटारा हिल्स स्वर्णकुंज कॉलोनी के रहवासी परेशानविधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू हो गए हैं। गांव मोहल्ले और कॉलोनियों में जगह-जगह सडक़ें बनाई जा रही हैं। स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। इसके साथ ही अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसके बाद भी राजधानी के बीचो-बीच बसे कटारा हिल्स की स्वर्णकुंज कॉलोनी के करीब 2 हजार रहवासी सीवेज की समस्या से परेशान हैं। इसके बाद भी आज तक कोई इनका दुख-दर्द पूछने तक नहीं आया।
कॉलोनी में सीवेज निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने से यहां लोगों के घरों के चारो ओर गंदा पानी और सीवेज भरा हुआ है। रहवासियों की माने तो बारिश शुरू होने के बाद से गर्मी आने तक करीब 8 महीने इस तरह के हालात बने रहते हैं। इससे यहां के रहवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह कॉलोनी हुजूर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 85 में आती है।
बोरिंग में भर रहा गंदा पानी, यही पी रहे हैं
स्वर्णकुंज कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि यहां सभी घरों में बोरिंग का पानी आता है। घरों के चारो ओर खाली पड़े प्लाटों और रास्तों में सीवेज और गंदा पानी भरा होने से यह रिसकर बोरिंग में भर रहा है। जो पानी नहाने लायक तक, नहीं है उसी बदबूदार पानी को हम लोग पीने को मजबूर हैं। इससे बीमारी का डर बना रहता है।
ताले में कैद है कॉलोनी का पार्क, बच्चे घरों में
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पार्क में ताला बंद होने से बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद होकर रह गए हैं। ऐसे में मुख्य सडक़ पर सुबह-शाम तफरीह करने जाना पड़ता है।
सडक़ स्ट्रीट लाइट तक की नहीं सुविधा
स्वर्णकुंज कॉलोनी के रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। लोग सडक़ स्ट्रीट लाइट तक को मोहताज हैं। स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। घरों के बाहर सांप, बिच्छू जैसे जीव जंतु घूमते रहते हैं। इससे दुघर्टना की आशंका बनी रहती है। चारो ओर सीवेज भरा होने से गंदगी रहती है। बीमारी का डर बना रहता है।
सीवेज निकासी का प्लान तो बनाया गया है, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं किया गया, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। कॉलोनी में जगह-जगह खाड़ी पड़े प्लॉटों में घुटनों तक सीवेज और घरों से निकलने वाला गंदा पानी भरा हुआ है। इससे यहां मच्छर पनपने के साथ ही मच्छर जनित गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गोविंद गौर, रहवासी स्वर्णकुंज
कॉलोनी में गंदगी फैली रहती है। यहां सफाई कर्मचारी नहीं आते, जिससे जगह-ज्गह कचरा फैला रहता है। छोटे-छोटे बच्चे होने से बीमारियों का खतरा बना रहता है। यहां स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है, इससे कीड़ मकोड़े काटने का डर बना रहता है। जगह-जगह सीवेज भरा हुआ है, जिससे मच्छर पनपने से मच्छर जनित डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।
मोहित असाटी, रहवासी स्वर्णकुंज
कॉलोनी में चारो ओर सीवेज और दूषित पानी भरा होने से मच्छर पनप रहे हैं। इससे मच्छर जनित बीमारियां हो रही हैं। मेरी सास 95 वर्ष की हैं। उन्हें संभालने वाला कोई नहीं है। जगह-जगह सीवेज भरा होने से बीमारी का डर बना रहता है। शरीर पर चकत्ते हो रहे हैं। लोग तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। बाहर की गंदगी हम लोगों के किचन, पूजा रूम और घरों तक पहुंच रही है।
कंचना वाजपेयी, रहवासी स्वर्णकुंज
कॉलोनी में सबसे ज्यादा सीवेज की समस्या है। कॉलोनियों के रास्तों के साथ घरों के चारो ओर प्लॉटों में सीवेज का पानी भरा है, इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां बढ़ रही है। हम लोग बीते 10 वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इसके बाद भी हम लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हाल ही में पाइप डाली गई थी, लेकिन वह भी उठा ले गए।
सीएल राजौरिया, रहवासी स्वर्णकुंज