
भोपाल. देशभर के विभिन्न रेल मंडलों के अंतर्गत चलने वाली 500 से ज्यादा ट्रेनें घाटे में चल रही हैं। घाटे में चल रही ट्रेनों को लेकर रेलवे जल्द ही बड़ा फैसला ले सकता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इनमें से कुछ ट्रेनों को बंद करने के साथ ही कुछ ट्रेनों के फेरों को कम किया जा सकता है। इसके लिए रेलवे ने तैयारियां भी शुरु कर दी हैं। वहीं अगर भोपाल से चलने वाली ट्रेनों की बात की जाए तो उनमें से सात ट्रेनें भी घाटे में चल रही हैं। रेल मंडल की समीक्षा के दौरान ट्रेनों के घाटे में चलने की बात सामने आई है।
कहीं घाटा तो कहीं फायदा..
भोपाल व हबीबगंज रेलवे स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों की अगर बात की जाए तो इनमें से कुछ के घाटे में तो कुछ के फायदे में चलने की बात रेल मंडल की समीक्षा में सामने आई है। जो ट्रेनें घाटे में चल रही हैं उनमें हबीबगंज-जबलपुर इंटरसिटी, भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी, भोपाल-खुजराहो एक्सप्रेस, भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस, भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस, भोपाल-दमोह राज्य रानी, भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं जबकि हबीबगंज-निजामुद्दीन भोपाल एक्सप्रेस, हबीबगंज-जबलपुर जन शताब्दी, हबीबगंज-पुणे, हबीबगंज-एलटीटी, भोपाल-प्रतापगढ़, भोपाल-जयपुर, भोपाल-इटारसी-विंध्याचल ट्रेन रेलवे को फायदा पहुंचा रही हैं।
तो क्या बंद हो जाएंगी घाटे में चल रही ट्रेनें ?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक रेलवे के टिकटों की संख्या से इस बात का पता चलता है कि कौन सी ट्रेन फायदे में चल रही है और कौन सी घाटे में। देश के विभिन्न रेल मंडलों की 500 से ज्यादा ट्रेनों के घाटे में चलने की जानकारी बीते दिनों सामने आई थी। बताया जा रहा है कि रेलवे ने इनमें से कुछ ट्रेनों को बंद करने तथा कुछ ट्रेनों के फेरे कम करने पर विचार शुरु कर दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या भोपाल से चलने वाली ट्रेनों के घाटे में चलने से उन्हें भी बंद किया जा सकता है। इसे लेकर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि अचानक से किसी भी ट्रेन को बंद करने से लोगों में रेलवे की छवि खराब होती है। इसी कारण रेलवे ज्यादा घाटा पहुंचाने वाली ट्रेनों के फेरों में कमी लाएगा और फिर आगे की स्थिति का आंकलन लेकर आगे फैसला लिया जाएगा।
Published on:
04 Sept 2021 04:40 pm

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