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नवरात्र में इस बार कई झांकियों में सिंगल यूज प्ला​स्टिक मुक्त भंडारे, डिस्पोजल की जगह प्लेट का इस्तेमाल

- शहर में इस बार माता रानी के पंडालों में प्लास्टिक मुक्त भंडारों का आयोजन- स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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शहर में इस बार माता रानी के पंडालों में प्लास्टिक मुक्त भंडारों का आयोजन


भोपाल . शहर को स्वच्छ और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिए अनेक संस्थाएं पहल कर रही है। नवरात्र के समापन के बाद शहर में इन दिनों माता रानी के भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। शहर में पिछले तीन दिनों में 700 से अधिक स्थानों पर भंडारे हुए हैं, इसमें कई दुर्गा पंडालों में सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त भंडारा किया गया है। हर साल आमतौर पर भंडारों में डिस्पोजल कटोरी, गिलास का इस्तेमाल होता था, लेकिन इस बार शहर में अनेक स्थानों पर भंडारों में डिस्पोजल का उपयोग नहीं किया गया। कहीं स्टील की प्लेट, कटोरी में भोजन परोसा गया तो कहीं कागज की प्लेट और दोने में भोजन दिया। पानी के लिए भी गिलास और लोटे की व्यवस्था की गई थी।

स्टील की थाली और कटोरी की व्यवस्था
दुर्गा उत्सव समिति व्यापारी संघ गोविंद गार्डन रायसेन रोड की ओर से भी भंडारे का आयोजन किया गया था। यहां लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इसके लिए समिति की ओर से स्टील की कटोरी, प्लेट, चम्मच और गिलास की व्यवस्था की गई थी। जिसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसा गया। समिति के रिंकू भटेजा ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने के लिए इस तरह के प्रयास जरुरी है। हमारी समिति आगे भी डिस्पोजल का उपयोग नहीं करेगी।

सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं
जय मां वैष्णो दुर्गा उत्सव श्रीराम रसोई समिति की ओर से इस बार बिट्टन मार्केट में महालक्ष्मी मंदिर की झांकी सजाई गई थी, गुरुवार को यहां भंडारे का आयोजन किया गया। समिति के हरिओम खटिक ने बताया कि भंडारे में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं हुआ, बल्कि प्लेट में श्रद्धालुओं को प्रसाद दिया गया। इसी प्रकार जल स्त्रोत दूषित न हो इसका ध्यान रखते हुए इस बार समिति ने झांकी में विराजमान 46 में से सिर्फ साढ़े तीन फीट की एक प्रतिमा का विसर्जन किया गया। बाकि की सभी प्रतिमाएं मूर्तिकार को वापस दी जाएगी। प्रतिमा विसर्जन चल समारोह गुरुवार को धूमधाम से निकाला गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।