
भोपाल. भोपाल की उत्तर, नरेला, हुजूर और बैरसिया विधानसभा क्षेत्रों में बांध, ताल-तलैया और प्राकृतिक संपदा से लेकर बहुत सारी पूरा संपदा और धरोहरें बिखरी पड़ी हैं। यहां महल, बावडिय़ां, बांध और तालाब हैं। बाघ भ्रमण क्षेत्र है तो ग्रीन बेल्ट भी है। लेकिन यह सब तेजी से नष्ट हो रहे हैं। चिंता की बात है संस्कृति, विरासत और पर्यावरण की रक्षा की बात करने वाली पार्टियों के लिए यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। शहर की पहचान और विरासत का संरक्षण कभी मुद्दा बना ही नहीं।
उत्तर विधानसभा
उत्तर विधानसभा में गिन्नौरी बगिया का मंदिर, शीतलदास की बगिया का मंदिर, गौरहमहल के पीछे शीतला माता का गोंडकालीन मंदिर, चौक बाजार में पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय का श्रीजी मंदिर, श्रीकृष्ण व राधाजी मंदिर हैं। ऐतिहासिक दिगंबर जैन मंदिर के साथ सदर मंजिल, शौकत महल, मोती महल, ताजमहल, बेनजीर पैलेस, चौक बाजार और परी बाजार क्षेत्र है। लेकिन इनके अस्तित्व मिट रहे हैं। संरक्षण के नाम पर लाखों के घोटाले हुए लेकिन यहां हैरिटेज कॉरिडोर आज भी अधूरा है।
छोटा तालाब बना ड्रेनेज चैंबर
छोटा तालाब और सीढ़ीदार तीन तालाब गंदगी का कुंड बन चुके हैं। ताजमहल और ताजुल मसाजिद के बीच का पहला तालाब को छोड़ दें तो नीचे के दोनों तालाब अतिक्रमण के शिकार हैं। बीच वाले तालाब पर कॉलोनियां बन गयी हैं।
हुजूर विधानसभा
हुजूर विधानसभा में केरवा डैम, कलियासोत डैम, बाघ भ्रमण क्षेत्र, बड़ा तालाब और उसका कैचमेंट एरिया और कलियासोत नदी बहती है। यह सभी अतिक्रमण की चपेट में हैं। कईयों पर तो जनप्रतिनिधियों ने ही कब्जा जमाया है।
धरोहरें संभालने की जरूरत
मूर्तिकार और पुरातत्वप्रेमी प्रकाश पवार कहते हैं भोपाल से लेकर समग्र मध्य प्रदेश प्रकृति और पुरा संपदा का गढ़ है। विक्रमादित्य और भर्तहरी का ननिहाल रहा है राजा गंधर्व सेन की नगरी देवास का गंर्धवपुरी। देवास से लेकर भोपाल तक पौराणिक और ऐतिहासिक पुरातात्विक धरोहरें हैं। इन्हें संभालने की जरूरत है।
पुरातत्वविद् पूजा सक्सेना कहती हैं तालाब के किनारे, वन विहार, मंदिर और मठ परिसर समेत अन्य विरासत भोपाल की शान रहे, लेकिन आज उपेक्षित हैं। ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण हो तो कमाई के साथ विरासत भी संरक्षित हो। इसलिए संस्कृतिकर्मियों ने तय किया है कि इस बार उसी उम्मीदवार वोट देंगे जो पुरा संपदा के संरक्षण का वादा करे।
बैरसिया विधानसभा में हैरिटेज विलेज आता है। यहां पुरातत्व धरोहर वाले महत्वपूर्ण भवन हैं। देवी का प्रसिद्ध और सिद्ध मंदिर है। साथ ही कई अन्य ऐतिहासिक धरोहरें है, जिनके संरक्षण और संर्वधन से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं।
Published on:
04 Nov 2023 06:35 pm
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