भोपाल और उसके आसपास 13 से अधिक टाइगर हैं, जिनका अक्सर मूवमेंट भोपाल शहर के बीच में स्थित केरवा से कलियासोत और वाल्मी इंस्टीट्यूट तक रहता है...।
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में केरवा डैम से लेकर वाल्मी इंस्टीट्यूट के बीच टाइगर मूवमेंट है। इन इलाकों में अक्सर ही बाघ सड़क किनारे दिख जाते हैं। पिछले दो दिनों से एक बार फिर यहां बाघ का मूवमेंट देखा जा रहा है। मंगलवार को भी इस बाघ की सर्चिंग में वन विभाग की टीम जुटी रही।
राजधानी में वाल्मी क्षेत्र में सोमवार को दिन में ही एक बार फिर बाघ देखा गया है। कुछ सैलानियों ने बाघ का वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। वन विभाग का अमला सोमवार से लगातार सर्चिंग में जुटा हुआ है। मंगलवार को शाम तक भी बाघ की मूवमेंट का पता नहीं चल पाया है। वाल्मी इंस्टीट्यूट क्षेत्र को भी अलर्ट कर दिया गया है। क्योंकि इसके कैंपस में कई परिवार निवास करते हैं।
वाल्मी के पास ही कलियासोत डैम के 13 शटर हैं। इस क्षेत्र में सोमवार को एक बाघ दिखाई दिया। यह बाघ जागरण लेकसिटी की तरफ से आ रहा था। नदी पार करने के बाद यह वाल्मी की पहाड़ी की तरफ चड़ गया। यह बाघ फेंसिंग को फांदकर जंगल में निकल गया। जिस इलाके में यह बाघ देखा गया था, वो वाल्मी इंस्टीट्यूट की पहाड़ी है और इसमें कई परिवार रहते हैं।
भोपाल सामान्य वन मंडल की ओर से इस बाघ की पहचान बताई गई है। बताया गया है कि यह युवा बाघ है। टी 1233 के रूप में इसकी पहचान हुई है, जो टी-123 बाघिन का बेटा है। इसने कुछ दिनों पहले चार शावकों को जन्म दिया था, यह बाघ उन्हीं में से एक है।