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टाइगर पटौदी की बहन का निधन, सैफ अली खान से चल रही थी लड़ाई

सैफ अली खान की बुआ और नवाब पटौदी की बहन का इंतकाल, भोपाल में सुपुर्द-ए-खाक...।

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भोपाल

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Manish Geete

Jan 20, 2020

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भोपाल। नवाब मंसूर अली खान पटौदी ( Nawab of Pataudi ) की बड़ी बहन सालेहा सुल्तान का हैदराबाद में इंतकाल हो गया। वे 80 साल की थीं। उन्हें भोपाल से इतना मोह था कि सालेहा सुल्तान ( Begum Saleha ) ने अपनी वसीयत में लिख दिया था कि मुझे भोपाल में मेरे नाना नवाब हमीदुल्ला खान के पहलू में दफन करना।

अंतिम इच्छा के मुताबिक सालेहा सुल्तान की पार्थिक देह को हैदराबाद से भोपाल लाया जा रहा है। अहमदाबाद पैलेस स्थित सूफिया मस्जिद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। यहां उनकी मां साजिदा सुल्तान भी दफन हुई थीं। कोहेफिजा में नवाब हमीदुल्ला खां की ओर से तामीर कराई गई सूफिया मस्जिद में नमाज इशा डिंपो बिया को दफन किया जाएगा। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक रविवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डाक्टरों के मुताबिक उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था और कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।

यह थी अंतिम इच्छा
यहां सूफिया मस्जिद परिसर में नवाब हमीदुल्ला खां की कब्र के पास ही दफन किए जाने की इच्छा डिंपो बिया ने जताई थी। जिसे पूरा करने के लिए हैदराबाद के निजाम के फरजंद इनके चारों बेटे अपनी वालिदा की मिट्टी लेकर भोपाल पहुंच गए हैं। सालेहा सुल्तान के शव को लेकर उनके बेटे साद जंग, आमिर जंग, उमर जंग और फैज जंग हैदराबाद से सड़क मार्ग से पहुंच गए हैं। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक इशा की नमाज के बाद सूफिया ग्राउंड में ही उन्हें नवाब हमीदुल्ला खां के बगल में दफनाया जाएगा।

नाना की खास मेहमान होती थी डिंपो
सालेहा सुल्तान को नाना नवाब हमीदुल्ला खां बेहद प्यार करते थे। वे प्यार से अपनी नातिन को डिंपो कहते थे। सालेहा जब भी भोपाल नाना से मिलने आती थीं तो अपने नाना की खास मेहमान होती थीं। नाना उनकी हर ख्वाहिश पूरी करते थे। नाना के साथ ही नानी मेमूना सुल्तान की भी वो बहुत लाड़ली थीं।

भोपाल में हुआ था जन्म
-प्रिंसेस सालेहा पटौदी का जन्म 14 जनवरी 1940 को भोपाल में हुआ था।
-उन्होंने सेंट जॉर्ज इंटरनेशनल स्कूल स्विटजरलैंड ( Switzerland ) से अपनी पढ़ाई पूरी की।
-उनका निकाह 20 दिसंबर 1957 को दिल्ली में पैगा परिवार ( Paigah family ) के बशीर यार जंग ( Bashir Yar Jung ) के साथ हुआ था। हैदराबाद हाउस में किए गए उनके निकाह में प्राइम मिनिस्टर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी भाग लिया।

प्रिंसेस सालेहा पटौदी के नवाब हाजी नवाब हाफिज मुहम्मद हमीदुल्ला खान और भोपाल की नवाब बेगम की बड़ी बेटी साजिदा सुल्तान थीं।
वह नवाब मुहम्मद मंसूर अली खान की बहन थीं, जिन्हें टाइगर पटौदी के नाम से जाना जाता है। हालांकि वे टाइगर पटौदी ( Tiger Pataudi ) से बड़ी बहन थीं, लेकिन उन्हें 'नवाब' के रूप में मान्यता नहीं मिली।

सैफ अली खान से चल रही थी कानूनी लड़ाई
कुछ सालों से बेगम सालेहा बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान ( Bollywood actor Saif Ali Khan ) से अपनी पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। क्योंकि नवाब पटौदी की हजारों करोड़ रुपयों की संपत्ति के वारिस अब सैफ अली खान हैं और वे ही पूरी जायदाद पर अपना नियंत्रण रखते हैं। बताया जाता है कि सालेहा का बेटा फैज़ बगैर जंग कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए किराए के परिसर में भोपाल में रहता है। उनकी बहन सबिहा जो हैदराबाद में रहती हैं, उसने भी मंसूर अली खान पटौदी के फ्लेग हाउस पर अपना हक जताया है।

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