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कोयला रैक के चलते कई ट्रेन रद्द, देश के कई राज्यों के यात्री होंगे परेशान

घर से निकलने से पहले एक बार देख लें केंसिल ट्रेन की लिस्ट

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भोपाल. अगर आप भी कहीं यात्रा पर जाने वाले हैं और आपकी यात्रा ट्रेन से पूरी होगी तो यह जरूरी खबर आपके लिए है। देशभर में बिजली संकट के चलते कोयले को प्रथमिकता के आधार पर पॉवर प्लांट पहुंचाने के निर्देश रेलवे को दिए गए हैं। सरकार के आदेश के बाद रेलवे ने कोयले रेक को जल्द से जल्द थर्मल पॉवर प्लांट तक पहुंचाने के लिए योजना बनाई और समय को बचाने के लिए कई यात्री ट्रेन को निरस्त कर दिया गया।

अगर आप भी उत्‍तर प्रदेश, झारखंड, राजस्‍थान, ब‍िहार, कर्नाटक, द‍िल्‍ली, पश्‍च‍िम बंगाल, महाराष्‍ट्र, केरल और तम‍िलनाडु जाने वाले है तो पहले देख लें कि कहीं आप की भी ट्रएन तो रद्द नहीं हो गई। भारतीय रेलवे ने इन प्रदेशों में जाने वाली 119 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इन ट्रेन में से 12 के सोर्स स्‍टेश बदले गए हैं। वही 11 को शॉर्ट टर्म‍िनेट कर दिया गया है।

रेलवे की वेबसाइट पर देख सकते हैं लिस्ट
भारतीय रेल ने केंसिल ट्रेन की लिस्ट नेशनल ट्रेन एन्क्वायरी सिस्टम NTES की वेबसाइट पर डाल दिया है, यात्री इस बेव साइट पर जाकर 343 कैंसिल ट्रेनों की पूरी लिस्ट देख सकते हैं।

रेलव ने कोयला रैक की डिलीवरी के चलते और कुछ अन्य कारणों का हवाला देकर 119 ट्रेनों का रद्द कर दिया है। और इन ट्रेन का संचालन आज यानि 2 मई से ही बंद कर दिया गया है। रेलवे के मुताबिक मेंटीनेंस और ऑपरेशन कारणों के चलते इन ट्रेन को निरस्त किया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि रेलवे स्टेशन जाने से पहले अक बार ल‍िस्‍ट को चेक कर लें।

मध्य प्रदेश में भी थर्मल पॉवर प्लांट में कोयला का संकट है जिसके चलते बिजली का संकट प्रदेश में भी बन गया है। प्रदेश के पॉर प्लांट में भी कोयला रैक की ड‍िलीवरी होनी है। इसलिए रेलवे ने कोयला रेक को प्राथम‍िकता देते हुए प्रदेश से गुजरने वाली कई ट्रेन को रद्द कर दिया है। कोयले की क्राइसिस के कारण देश में सैकड़ों ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था। रेलवे ने कुल 657 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है।

देश में कोयला संकट के हालात पहले से ही बन रहे थे लेकिन भीषण गर्मी में बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ी और देश 13 राज्यों में बिजली संकट गहरा गया। देशभर में हाहाकार के बाद केंद्र सरकार ने कोयला परिवहन करने वाली माल गाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर थर्मल पावर स्टेशनों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।