4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केन्द्रीय पशुपालन मंत्री डॉ. मुरूगन ने किया बुल मदर फार्म का निरीक्षण

केन्द्रीय वीर्य संग्रहालय द्वारा अन्य राज्यों को 25 हजार डोज का विक्रय अब तक 14 देशी नस्लों की एक लाख से अधिक डोज का उत्पादन किया गया

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Ashok Gautam

Sep 27, 2021

Animal Husbandry Medicine Relief Society will rejuvenate veterinary hospitals

Animal Husbandry Medicine Relief Society will rejuvenate veterinary hospitals

भोपाल। केन्द्रीय पशुपालन, मत्स्य-पालन और डेयरी मंत्रालय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरूगन ने सोमवार को भोपाल में सेक्स सॉर्टेड वीर्य प्रयोगशाला, बुल मदर फार्म, हिमीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला आदि का निरीक्षण किया। अप्रैल-2021 से आरंभ सेक्स सॉर्टेड वीर्य प्रयोगशाला भारत में दूसरे स्थान पर अत्यधिक उन्नत प्रयोगशाला है। इसमें अब तक 14 देशी नस्लों की एक लाख से अधिक डोज का उत्पादन किया गया है। प्रयोगशाला ने अब तक प्रदेश और देश के अन्य राज्यों को 25 हजार सीमन डोज बेची हैं। प्रदेश में अनुसूचित-जाति और जनजाति के लोगों के लिये इसका मूल्य 400 रुपये, सामान्य के लिये 450 रुपये और अन्य राज्यों के लिये 950 रुपये प्रति डोज है।

केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. मुरुगन ने पारम्परिक हिमीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। यह अत्यधिक उन्नत 'ए'-ग्रेड आईएसओ-9001-2015 प्रामाणिक लैब है, जहाँ 16 नस्लों के पशुओं के 35 लाख हिमीकृत वीर्य डोज का वार्षिक उत्पादन होता है। यहाँ 178 सांड और बछड़े हैं।

डॉ. मुरुगन ने राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम की इकाई बुल मदर फार्म में भ्रूण प्रत्यारोपण प्रौद्योगिकी, मैत्री प्रशिक्षण और विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मध्यप्रदेश के लिये शुरू की गई पशुधन उद्यमिता योजना और पशुधन उपचार के लिये घोषित की गई मोबाइल वेन के बारे में भी जानकारी दी।

महिला स्व-सहायता समूहों को भी मैत्री कार्यक्रम से जोड़ा जायेगा

डॉ. मुरुगन ने इस दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत संचालित मैत्री परियोजना के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए बताया कि जल्द ही इस परियोजना से सभी महिला स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ा जायेगा। मैत्री योजना में गौ-सेवकों को 4 माह का कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण में एक माह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण संस्थानों में और 3 माह का प्रायोगिक प्रशिक्षण जिलों के कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों या पशु चिकित्सालयों में दिया जाता है।

आईवीएफ तकनीक से किसानों की आय में इजाफा

डॉ. मुरुगन ने कहा कि आईवीएफ और मल्टिपल ओवुलेटिंग और भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक के माध्यम से पशु के आनुवांशिक उन्नयन को प्राप्त करना आसान है। इससे किसानों को काफी लाभ होगा। आमतौर पर गाय अपने जीवन-काल में 6 से 7 बछड़े देती है, लेकिन आईवीएफ तकनीक के माध्यम से 7-8 साल में 25 से 30 बछिया और बछड़ों का जन्म संभव है।