- होली के लिए बन रही अनोखी मिठाई और गुजिया... - 80 क्विंटल से अधिक होती है शहर में गुजिया की खपत
भोपाल। चार्टर्ड आउंटेंट मृदुल राय ने बेटे के लिए वाशिंगटन तो ट्रांसपोर्टर सोनू मालपानी ने बहन के लिए अमेरिका तक गुजिया भेजी है। यही नहीं ऐसे कई लोग हैं जिनके रिश्तेदार विदेशों में रहते हैं और वे उनके लिए भोपाल में बनी मिठाइयां पहुंचाते हैं। इसके लिए मिठाई कारोबारी भी ऑर्डर पर ही ऐसी मिठाइयां तैयार करते हैं, जो एक सप्ताह-दस दिन तक चल सकें। दरअसल इस समय होली का त्योहार सामने आ रहा है। इसके लिए खासकर गुजिया, नमकीन तैयार करने वालों की तैयारी भी चरम पर है। मिठाई व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो शहर में होली पर करीब 80 क्विंटल गुजिया की खपत हो जाएगी।
नाम भी अनोखे
होली के लिए मिठाई विक्रेताओं ने अलग-अलग नाम से गुजिया-मिठाई तैयार की है। इन्हें केसर गुजिया, चंद्रकला गुजिया, रोज गुजिया, फूल गुजिया, सूखी गुजिया, ठंडाई कलाकंद, होली हैम्पर, हेजल नट, घेवर नाम दिया गया है। युवा और बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई हेजल नट 800 से 1000 रुपए किलो के आसपास है, जबकि गुजिया की कीमत 600 से 720 रुपए किलो तक है।
घी ने बढ़ाए दाम
पिछले साल घी के दाम 480 रुपए प्रति किलो थे, जो इस साल 700 रुपए से ऊपर है। ऐसे में गुजिया की मिठास पर हलकी महंगाई का तड़का लगा है। गुजिया में ड्रायफ्रूट के अलावा मैदा, शक्कर बूरा, मावा के अलावा घी प्रमुख रूप से उपयोग में लाया जाता है। मिठाई विक्रेता पंकज खंडेलवाल बताते हैं कि कच्चा माल महंगा होने से इस बार गुजिया-मिठाई के भाव में हलकी तेजी आई है।
भोपाल में बनी हुई गुजिया ऑर्डर पर दूसरे देशों में भेजी जाती है। ऐसी गुजिया एक सप्ताह से ज्यादा समय तक चलती है। यह चलन अब बढ़ता जा रहा है।
- कुश हरवानी, डायरेक्टर,मनोहर डेयरी
होली पर गुजिया, नमकीन की ज्यादा डिमांड रहती है। इसकी तैयारी चल रही है। कुछ लोग अपने रिश्तेदारों को गुजिया भेजते हैं। घी के बढ़ते भावों ने इस बार गुजिया की कीमतों को बढ़ा दिया है।
- मोहन शर्मा 'घंटेवाला', मिठाई कारोबारी