सूत्रों के मुताबिक जगदीश रावत गुरुवार रात 8 बजे की फ्लाइट से इंदौर पहुंचे। वे देहरादून से दिल्ली होते हुये यहां पहुंचे। इंदौर से सड़क मार्ग से उज्जैन, आगर होते हुए नलखेड़ा स्थित बंगलामुखी देवी के मंदिर पहुंचे। यहां पहले से अनुष्ठान की पूरी तैयारी की गई। पंडितों ने पूरे विधि विधान से देर रात तक अनुष्ठान कराया। इसके बाद रावत तड़के इंदौर लौटे, जहां से शुक्रवार सुबह की फ्लाइट से लौट गए।