
सर्दियों में आपके शरीर मे यहां से प्रवेश करती है ठंड, जानें इस मौसम के फायदे और नुकसान
भोपाल। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में सर्दी winter ने दस्तक दे दी है। ऐसे में ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो चुकी हैं। वहीं इस मौसम में अपनी सेहत health का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है।
क्योंकि सर्दी के मौसम में हमारे शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिनमें से कुछ फायदेमंद तो कुछ नुकसानदायक हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है और इससे आपकी सेहत पर किस तरह का असर पड़ता है?
इस संबंध में डॉ. वीके सिंह के अनुसार हमारे शरीर का एक निश्चित तापमान होता है। ऐसे में बाहर का तापमान हम से काफी कम होने के चलते सर्दी thand हमारे शरीर में प्रवेश कर हमें नुकसान पहुंचाती है या यूं कहें कुछ बुरे बैक्टीरिया हमारे शरीर में पनपने का मौका देती है। जिसके चलते हम बीमार हो जाते हैं। ऐसे में अपने साथ ही अपनों your family की सेहत का भी खास ध्यान रखना पड़ता है।
शरीर में सर्दी के प्रवेश के मुख्य चार द्वार : body gates for winter ...
लेकिन ये सर्दी हमारे शरीर के अंदर प्रवेश कैसे करती है इस संबंध में आयुर्वेद ayurveda के डाक्टर राजकुमार के अनुसार हमारे शरीर में सर्दी के प्रवेश के मुख्य चार द्वार हैं। इनमें एक है पैर के तलवे, दूसरा कान, तीसरा पेट व छाती व चौथा है हाथों की हथेली।
सामान्यत: सर्दी में हम कान तो ढक लेते हैं, लेकिन घर के अंदर फर्श पर नंगे पैर ही चलने से अधिकतर सर्दी हमारे शरीर में प्रवेश करती है।
इसके अलावा सर्दी के दिनों में बिना कुछ खाए घर से निकलने पर सर्दी सीधे पेट से प्रवेश मार्ग बना लेती है। अत: यदि सर्दी से शरीर को बचाना है तो इन चारों द्वार को इस मौसम mausam में सुरक्षित रखें। ताकि सर्दी आपके शरीर में प्रवेश ही न कर सके। मुख्य रूप से इन चारों द्वारों को ढ़क कर तो रखें ही बाहर जाते समय कभी भी खाली पेट न तो घर से निकले न ही घर पर ही खाली पेट रहें।
सर्दी के कारण आपके शरीर में बदलाव क्या और क्यों? winter effects ...
इस संबंध में भी जानकारों का कहना है कि अक्सर आप ठंड के कारण कांपने लगते हैं, लेकिन क्या कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
दरअसल, जब आपकी बॉडी का टेम्परेचर नॉर्मल टेम्परेचर temprature के मुकाबले कम हो जाता है तो आपकी बॉडी कांपना शुरू कर देती है। बॉडी का टेम्परेचर कम होने के कारण हमारे दिमाग का हाइपोथैलेमस पार्ट एक्टिवेट हो जाता है, जो सर्दी महसूस होने पर पूरे शरीर को सिग्नल भेजता है। सिग्नल मिलते ही बॉडी कापंना शुरू कर देती है।
1. यह भी जान लें कि ठंड से बचने के लिए यह जरूरी नहीं है कि आप बहुत सारे मोटे और ऊनी कपड़े पहनें, बल्कि इस समय में शरीर को गर्म करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप वॉक करें या एक जगह पर खड़े होकर जंप करें।
2. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि सर्दी में डायटिंग और एक्सरसाइज करे बिना ही आपकी कैलोरीज कम हो जाती हैं। इसका कारण ये है कि ठंड के मौसम में गर्म रहने के लिए बॉडी को खुद से ही ज्यादा से ज्यादा हीट जनरेट करनी पड़ती है। जिस कारण बिना कुछ करे ही आपकी कैलोरीज बर्न हो जाती हैं।
3. आपने कई बार महसूस किया होगा कि जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, उतना ज्यादा ही आपको टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ने लगती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
तो इसका कारण ये है कि ठंड के कारण शरीर में मौजूद ब्लड वेसेल्स पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से व्यक्ति को बार-बार टॉयलेट आता है।
इतना ही नहीं ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर के कारण ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए सर्दी के मौसम में खुद को सेहतमंद रखने के लिए जरूरी है कि जैसे ही आपको टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस हो आप उसी समय टॉयलेट जाकर खुद को फ्री कर लें।
4. ठंड के मौसम में अक्सर सुबह उठने में परेशानी होना नॉर्मल लगता होगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। दरअसल, सर्दी के मौसम में दिन छोटा और रातें लंबी हो जाती हैं। ज्यादा सूरज की रोशनी ना मिलने की वजह से शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है। जिस कारण इस मौसम में हमें ज्यादा सुस्ती महसूस होने लगती है।
दूसरा कारण यह भी है कि इस मौसम में हमारे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, इस हार्मोन की वजह से हमें ज्यादा नींद आती है, साथ ही यह हमारी नींद के पैटर्न को डिस्टर्ब कर देता है। जिस वजह से भी इस मौसम में हमें ज्यादा सुस्ती महसूस होती है।
5. ठंड में हमारी आंखों की रोशनी पर भी काफी असर पड़ता है। क्योंकि बॉडी के दूसरे हिस्सों की तरह आंखों में मौजूद ब्लड वेसेल्स में भी कसाव आ जाता है। जिस कारण इस मौसम में धुंधला दिखने आम हो जाता है।
Published on:
16 Dec 2019 03:31 pm

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