27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सड़क पर उतरीं महिलाएं और कर दिया चक्काजाम, जानिये क्यों?

महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने गांव में ही किसी से जमीन खरीदी थी, लेकिन अब वे जमीन लेने नहीं दे रहे और न ही बोवनी करने दे रहे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 9 Nov 2017, 5:07 PM IST

highway jam

ब्यावरा/करनवास। जमीन के विवाद में प्रशासन की लापरवाही से खफा दूधी गांव की महिलाओं ने गुरुवार सुबह नेशनल हाईवे क्रमांक-तीन पर चक्काजाम कर दिया। दूधी पुल पर एकत्रित हुई महिलाओं ने दोनों ओर वाहनों को रोक दिए और जाम लगाए रखा। करीब दो घंटे हुए इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने बड़ी मुश्किल से महिलाओं को समझााने के बाद जाम खुलवाया।

दरअसल, दूधी गांव की महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने गांव में ही किसी से जमीन खरीदी थी, लेकिन अब वे जमीन लेने नहीं दे रहे और न ही बोवनी करने दे रहे। इसे लेकर कई बार विवाद की स्थितियां भी बनीं।

उनका आरोप है कि इस संबंध में अनेक बार प्रशासन, पुलिस को आगाह भी किया गया, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। गांव की लाड़बाई, संध्याबाई, गौराबाई, ममताबाई सहित अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि जमीन खरीदनेे के बावजूद कब्जेधारी बोवनी नहीं करने दे रहे हैं।

वहीं जमीन पर दूसरे ने कब्जा कर लिया है, जबकि प्रशासन सुनवाई कर नहीं रहा इसीलिए हमें रोड पर आना पड़ा। करीब डेढ़ से दो घंटे के प्रदर्शन के बाद ब्यावरा टप्पे के नायब तहसीलदार, देहात और करनवास थाने की पुलिस ने उन्हें समझाइश दी और कहा कि आपकी जो भी दिक्कत है तहसील में आइए। हम हर हाल में आपकी समस्या सुलझाएंगे।

फंसे वाहन, रोड पर बैठकर बनाया खाना :
करीब दो घंटे लगे जाम के बाद धीरे-धीरे वाहनों को रवाना किया गया, इस बीच ट्रकों को रोक लिया गया, अन्य छोटे वाहन छोड़े गए। इस बीच कई वाहन फंसे रहे, दूर-दराज से आ रहे वाहन चालकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ट्रक में लंबी दूरी का सफर करके आए कई वाहन चालकों को रोड पर ही खाना बनाकर खाना पड़ा। आवागमन बंद रहने से दूधी से करनवास तक और ब्यावरा की ओर करीब पांच किमी दूर तक वाहनों की कतार लग गई।