
गार्गी पुरस्कार
बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिए जाने वाले गार्गी और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कारों के लिए दो बार आवेदन की तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी अब तक केवल 61 फीसदी पात्र बालिकाओं ने ही आवेदन किया है।
करीब 40 फीसदी होनहार बालिकाओं ने अब तक प्रोत्साहन राशि लेने के लिए आवेदन नहीं किया है। ऐसे में शिक्षा विभाग भी हैरान है कि बालिकाओं तक आवेदन करने की जानकारी नहीं पहुंच रही या इन होनहार छात्राओं ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है।
जिन बालिकाओं ने 75 फीसदी या इससे अधिक अंक प्राप्त किए उन दसवीं की बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार तथा सीनियर की बालिकाओं को बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि दो बार बढ़ाई गई।
दूसरी बार की अंतिम तिथि 15 जनवरी थी, लेकिन उसके बाद भी शत प्रतिशत बालिकाओं के आवेदन बालिका शिक्षा फाउंडेशन के पास नहीं पहुंचे हैं।
अब एक बार फिर बालिका शिक्षा फाउंडेशन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से उनके जिले की इन पुरस्कारों की पात्र बालिकाओं से 31 जनवरी तक आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं।
फाउंडेशन के सचिव राजेश कुमार लवानिया ने शिक्षा अधिकारियों से सभी पात्र बालिकाओं से शत प्रतिशत आवेदन शाला दर्पण पोर्टल पर कराने को कहा है। इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पिछले साल 10 नवंबर से शुरू की गई थी।
विभाग हैरान, कहां गईं ये प्रतिभाएं...
पात्र बालिकाओं की ओर से आवेदन करने में ढिलाई को देखकर विभाग भी हैरान है। जानकारों का कहना है कि इसके दो ही कारण हो सकते हैं। स्कूलों की ओर से पात्र बालिकाओं को इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है या फिर कहीं इन प्रतिभाओं ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी हो।
दसवीं की बालिकाओं को ग्यारहवीं में नियमित अध्ययनरत होने पर ही गार्गी पुरस्कार प्रदान किया जाता है। जबकि सीनियर की बालिकाओं को प्रथम वर्ष में नियमित अध्ययन करने का प्रमाण पत्र देना जरूरी होता है।
ये मिलता है पुरस्कार
गार्गी पुरस्कार दसवीं से बारहवीं तक नियमित अध्ययन करने वाली प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिया जाता है। इसमें हर वर्ष 3 हजार रुपए पात्र बालिका के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके लिए इन्हें हर वर्ष नियमित अध्ययनरत होने का प्रमाणपत्र देना होता है।
- बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार सीनियर की प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिया जाता है। जिसमें उन्हें प्रथम वर्ष में नियमित अध्ययनरत होने का प्रमाणपत्र देना होता है। इसमें पुरस्कार स्वरूप 5 हजार रुपए तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
Published on:
18 Jan 2024 04:11 pm
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