
एमजीएसयू में बना वेलोड्रम
साइक्लिंग खिलाड़ियों के सपनों को उड़ान देने के लिए महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) परिसर में करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया हाईटेक वेलोड्रम महज तीन साल में ही बदहाली का शिकार होने लगा है। 2023 में उद्घाटन के समय प्रदेश की साइक्लिंग प्रतिभाओं के लिए बड़ी सौगात माना गया यह वेलोड्रम अब ट्रैक पर पड़ती दरारों, उखड़ते प्लास्टर, अव्यवस्थित सफाई और खराब ड्रेनेज के कारण सवालों के घेरे में है।
एमजीएसयू परिसर में बने इस हाईटेक वेलोड्रम में अब जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। कुछ हिस्सों में प्लास्टर भी उखड़ने लगा है। अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ी भी ट्रैक की स्थिति को लेकर असहज महसूस कर रहे हैं। परिसर में सफाई व्यवस्था का अभाव और अतिरिक्त उगी घास भी परेशानी बढ़ा रही है। घास के कारण ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। जिस वेलोड्रम को प्रदेश में साइक्लिंग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था, उसकी वर्तमान स्थिति निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
न राष्ट्रीय प्रतियोगिता हुई, न मिला पूरा उपयोग
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के उद्देश्य से तैयार किए गए इस वेलोड्रम में अब तक कोई बड़ी प्रतियोगिता आयोजित नहीं हो सकी है। पिछले दो वर्षों में यहां केवल इंटर कॉलेज प्रतियोगिता ही आयोजित हुई। जानकारों के अनुसार वेलोड्रम के कर्व (घुमावदार हिस्से) में तकनीकी अंतर होने के कारण यहां बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी दिक्कत आ रही है। वहीं स्टाफ की कमी और नियमित देखरेख के अभाव ने भी इसकी उपयोगिता को प्रभावित किया है।
333.33 मीटर ट्रैक, 9 करोड़ की लागत
333.33 मीटर लंबे इस वेलोड्रम को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया था। यहां रात में अभ्यास के लिए हाईटेक लाइटिंग, खिलाड़ियों के ठहरने के लिए करीब 40 कमरे, जिम, वार्मअप ट्रैक और एरिना जैसी सुविधाएं विकसित की गई थीं।
दरारों से बढ़ा खतरा
ट्रैक पर गिरने से खिलाड़ियों के चोटिल होने की आशंका
महंगी साइकिलों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा
कांटों से टायर पंचर होने की समस्या
ड्रेनेज खराब होने पर पानी भरने की संभावना
मेंटेनेंस के लिए बढ़ाया फंड
एमजीएसयू कुलपति मनोज दीक्षित ने बताया कि तेज गर्मी और पानी की कमी के कारण वेलोड्रम के जॉइंट प्रभावित हो रहे हैं। इसके रखरखाव के लिए फंड में करीब 20 लाख रुपए की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि साइकिलिंग एसोसिएशन से विशेषज्ञ की मदद लेकर इसे दुरुस्त कराने के लिए भी कहा गया है।
Updated on:
15 Jul 2026 07:30 pm
Published on:
15 Jul 2026 07:30 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
